सागर-सदर क्षेत्र से निकली भुट्टो बाबा की ऐतिहासिक सवारी, 1945 से चली आ रही परंपरा | sagar tv news |
सागर शहर के सदर क्षेत्र से निकली भुट्टो परंपर मुहम्मद जुल्फकार की ऐतिहासिक सवारी ने शहर के मुख्य मार्गों पर गश्त की। यह सवारी 1945 से परंपरागत रूप से निकल रही है और हर साल इसे लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह रहता है। 5 जुलाई की रात को सवारी को गश्त कराया गया, जहां पीली कोठी पहुंचने पर बाबा को सलामी दी गई और उन्होंने करिश्मा भी दिखाए। यह नज़ारा देखने भारी संख्या में श्रद्धालु इकट्ठा हुए।
हालांकि 6 जुलाई को मौसम खराब होने के कारण सवारी निरस्त कर दी गई। बाबा ने लाइट प्रकाश के ज़रिए संकेत दिया कि आगे की सवारी नहीं निकाली जाए। प्रशासन और आयोजकों ने बाबा के इस निर्देश का पालन करते हुए आगे की प्रक्रिया स्थगित कर दी। सवारी की शुरुआत के समय प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और श्रद्धालुओं से संयम व सहयोग की अपील की।
भुट्टो बाबा की सवारी लगभग 80 वर्षों से ज्यादा पुरानी परंपरा का हिस्सा है। इसे सदर क्षेत्र में बड़े धार्मिक सम्मान और भक्ति भाव से मनाया जाता है। श्रद्धालु मानते हैं कि बाबा शहर की सलामती और बरकत के लिए सवारी निकालते हैं। बाबा के करिश्मों को लेकर शहर में कई कथाएं प्रचलित हैं। सवारी का हर पड़ाव धार्मिक भावना और उल्लास का प्रतीक बन जाता है।सागर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान में भुट्टो