सोनम को मिले तालिबानी सजा, इंदौर में गरमाई बहस, महिला पार्षद और शहर काजी में फूटा गुस्सा
इंदौर में पति की हत्या के आरोप में घिरी सोनम को लेकर अब समाज के प्रमुख चेहरे खुलकर सामने आ गए हैं। महिला कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और शहर काजी डॉ. इशरत अली ने सोनम के खिलाफ तल्ख शब्दों का प्रयोग करते हुए न केवल उसकी कड़ी सजा की मांग की, बल्कि समाज और परवरिश पर भी सवाल उठाए। पार्षद रुबीना इकबाल खान ने गुस्से में कहा कि सोनम ने इंदौर को बदनाम किया है। उन्होंने कहा अगर सोनम मुझे कभी मिल गई तो एक चांटा जरूर मारूंगी और पूछूंगी कि तूने ऐसा क्यों किया। तूने सिर्फ अपने पति को नहीं मारा, बल्कि कई रिश्तों को भी खत्म कर दिया।
रुबीना ने यहां तक कह डाला कि सोनम को चौराहे पर खड़ा करके 100 कोड़े मारने चाहिए और उसके बाद फांसी देना चाहिए। ऐसी लड़कियों के लिए तालिबानी सजा ही ठीक है। उन्होंने सोनम की तुलना सोने से करते हुए कहा कि वो तो कोयला निकली, जिसने अपने ही पति को जला डाला।
"अब सोनम के नाम से ही नफरत हो गई है।" उन्होंने कहा। इसी मुद्दे पर इंदौर के शहर काजी डॉ. इशरत अली भी सामने आए और उन्होंने सोनम के माता-पिता की परवरिश को जिम्मेदार ठहराया। "जब परवरिश में कमी रह जाती है, तब ही बच्चे सोनम बनते हैं।" उन्होंने कहा,"आजकल लोग सिर्फ बच्चे पैदा कर रहे हैं, पर संस्कार नहीं दे रहे।"
उन्होंने सोनम की हरकत को इंदौर के लिए कलंक बताया और कहा कि किसी लड़की का हत्याकांड में शामिल होना इस बात का सबूत है कि आज परिवारों को बच्चों की अच्छी तालीम देनी चाहिए। "सिर्फ पढ़ाई नहीं, परवरिश और नैतिक शिक्षा भी जरूरी है।" इस मामले में समाज का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। जहां एक ओर पुलिस कानूनी प्रक्रिया में जुटी है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक मंचों पर सोनम के खिलाफ नफरत और सख्त सजा की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि इस घटना के बाद कई युवक-युवतियों में रिश्तों को लेकर डर का माहौल बन गया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या अब विश्वास भी एक कमजोर धागा बन चुका है?