Sagar- आषाढ़ के तीसरे मंगल को गढ़पहरा में उमड़ा आस्था का सैलाब, सीढ़िया कम पड़ी तो पहाड़ से चढ़े
सागर में आषाढ़ के तीसरे मंगलवार को गढ़पहरा हनुमान मंदिर में आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा, सुबह 4:00 बजे से ही श्रद्धालु हनुमान जी महाराज के दर्शन को पहुंचने लगे थे जैसे ही सूरज देव निकले तो भक्तों की तादाद भी बढ़ने लगी दोपहर के बाद तो हालत यह हो गए थे कि पैर रखने के लिए भी जगह नहीं बची थी , नीचे जहां मेला लगा था पूरा परिसर भीड़ से पटा पड़ा था, इधर दो पहिया तीन पहिया चार पहिया वाहनों से बाईपास पर जाम जैसे हालात बने रहे घंटों तक वाहन चालक इनमें फंसे रहे,
सैकड़ो लोग गाजे बाजे के साथ अपने-अपने दल को लेकर झंडा चढ़ाने के लिए भी पहुंचाते रहे और हनुमान जी मंदिर परिसर में उन्होंने करतब दिखाएं, हनुमान जी को नारियल चिरौंजी और मगध के लड्डुओं का भोग लगाया जाता हैं
हनुमान जी के दर्शन करने पहुंची भीड़ का अंदाजा आप ऐसे लगा सकते हैं कि सीढ़ियों पर जगह नहीं होने की वजह से लोग पहाड़ से कठिन चढ़ाई करके मंदिर तक पहुंच रहे थे, व्यवस्थाएं बनाने के लिए पुलिसकर्मी भी लगे हुए थे लेकिन यह ना काफी साबित हो रहे थे, मंदिर के पुजारी ने बताया कि यहां पर राजाओं महाराजाओं के जमाने से हनुमान जी महाराज विराजमान है लेकिन इनकी स्थापना कैसे हुई या इस स्वयं प्रकट हुए इसको लेकर किसी को कोई जानकारी नहीं है सैकड़ो साल से लोग ऐसे ही पूजा करते आ रहे हैं आषाढ़ के मंगलवार को दर्शन करने का विशेष महत्व होता है हनुमान जी महाराज सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं इसलिए लाखों की संख्या में आज श्रद्धालु आए हैं