दिग्विजय-सिंघार की बंद कमरे 2 घंटे चली बैठक, MP की राजनीति हलचल बढ़ी ! | sagar tv news |
मध्यप्रदेश की राजनीति में दो अलग अलग तस्वीरो ने कांग्रेस और बीजेपी में हलचल पैदा कर दी। एक तस्वीर तो बंद कमरे में शिवराज सिंह चौहान और कैलाश विजयवर्गीय के बीच हुई गुप्त बैठक की थी तो दूसरी तस्वीर कांग्रेस के दो नेताओ की है जिसमे ठीक ऐसी ही मुलाकात हुई जिसमें दोनों के बीच बंद कमरे में करीब दो घंटे तक लंबी चर्चा हुई।
दरसअल ये मुलाकात इसलिए मायने रख रही है क्योकि लम्बे वक़्त से इन दोनों नेताओ के रिश्तो में अनबन चल रही थी वही पहली बार इन दोनों का साथ बैठना कांग्रेस में सरगर्मी बढ़ाने वाला है। जी हाँ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार गुरुवार शाम भोपाल में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह से मिलने उनके सरकारी निवास पहुंचे। पहली बार दिग्विजय सिंह और सिंघार के बीच बंद कमरे में दो घंटे तक लंबी चर्चा हुई। दोनों के बीच ऐसे समय में ये सीक्रेट मीटिंग हुई है। जब, मप्र में संगठन सृजन अभियान के तहत जिला अध्यक्षों के नामों को लेकर रायशुमारी चल रही है। दूसरी तरफ युवा कांग्रेस के चुनाव भी हो रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात के बाद का एक वीडियो भी सामने आया। इस वीडियो में दिग्विजय सिंह नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को गाड़ी तक छोड़ने आए। सिंघार ने हाथ पकड़कर रोकने की कोशिश भी की। लेकिन, दिग्विजय उन्हें गाड़ी तक छोड़ने आए।
इस बैठक के कई राजनैतिक मतलब निकाले जा रहे है इस वीडियो में उसी पर चर्चा करते है। दरसअल मध्यप्रदेश की राजनीति में जब भी कांग्रेस की बात होती है, तो दिग्विजय सिंह एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरते हैं। वहीं, आदिवासी समुदाय से आने वाले उमंग सिंगार भी पिछले कुछ सालो में कांग्रेस के भीतर एक सशक्त आवाज़ के रूप में उभरे हैं। इन दोनों नेताओं के बीच संबंधों को लेकर समय-समय पर मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं होती रही हैं – कभी आरोपों के रूप में, तो कभी संगठनात्मक मतभेदों के रूप में। आज का ये वीडियो इन्हीं जटिल रिश्तों की पड़ताल करता है।
साल 2019 में उस समय राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई जब उमंग सिंगार ने दिग्विजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें साज़िशकर्ता बताया। उन्होंने एक सार्वजनिक पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि दिग्विजय सिंह संगठन में गुटबाजी फैला रहे हैं और कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। उस वक़्त दोनों नेताओं के रिश्ते को इस प्रकरण ने खुलकर जनता के सामने ला दिया था ।
तब से ही दोनों के रिश्तो में खटास पैदा हो गयी थी। बाद में राहुल गांधी को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा था। कांग्रेस आलाकमान ने इसे आंतरिक मामला बताते हुए शांत कराने की कोशिश की, लेकिन दरार पूरी तरह मिटती नजर नहीं आई। कई बार पार्टी मंचों और बैठकों में इन दोनों नेताओं की टकराव की खबरें सामने आती रही हैं।
लेकिन अब लगता है समय के साथ साथ दोनों के रिश्तो में सुधार की गुंजाइश बन गयी। राजनैतिक जानकार के मुताबिक आपसी सामंजस्य दोनों तरफ से बैठाया जा रहा है। कांग्रेस में उमंग सिंगार का बढ़ता कद और दिग्विजय सिंह राजनैतिक का अनुभव दोनों का तालमेल बैठाकर कोई नयी खिचड़ी पकती दिख रही है। वही दोनों दिग्गजों के बीच हुई मुलाकात से पार्टी के भीतर सरगर्मी बढ़ गई है।