हर हादसा अपने साथ सिर्फ दुख नहीं लाता, बल्कि कुछ सिखाकर भी जाता है। ऐसा ही एक दुखद हादसा हाल ही में अहमदाबाद में हुआ, जब एक प्लेन क्रैश ने सबको झकझोर कर रख दिया। लेकिन हमारे देश ने इससे पहले भी कई बड़े हवाई हादसे देखे हैं। आइए सुनते हैं कुछ सच्ची कहानियाँ, जो सिर्फ हादसे नहीं, बल्कि सबक भी हैं।
पहला हादसा चरखी दादरी टकराव, 12 नवंबर 1996, आज से कई सालों पहले हरियाणा के चरखी दादरी में आसमान में दो बड़े प्लेन एक-दूसरे से टकरा गए। 349 लोगों की जान चली गई। एक प्लेन सऊदी अरब एयरलाइंस का था और दूसरा कजाकिस्तान एयरलाइंस का। दोनों को अलग ऊंचाई पर उड़ना था, लेकिन गलती से कजाक प्लेन नीचे आ गया और दोनों टकरा गए। कैजुअल्टीज के लिहाज से यह भारत का सबसे बड़ा हवाई हादसा है।
दूसरा हादसा था सम्राट अशोका विमान, दिन था 1 जनवरी 1978, जब मुंबई से दुबई जा रहा एक बोइंग 747 विमान उड़ान भरते ही समुद्र में गिर गया। 213 लोग उसमें सवार थे। दरअसल, प्लेन के नेविगेशन सिस्टम ने गलत संकेत दिया, और पायलट ने उसे सीधा करने की कोशिश में प्लेन को गलत दिशा में मोड़ दिया। कुछ ही पलों में सब खत्म हो गया। नए साल के पहले दिन ये विमान 213 यात्रियों के साथ समुद्र में समा गया।
तीसरा हादसा हुआ 22 मई 2010, मंगलुरु का खतरनाक रनवे हादसा। एयर इंडिया की एक एक्सप्रेस फ्लाइट दुबई से मंगलुरु आ रही थी। लैंडिंग में थोड़ी देर हो गई और रनवे छोटा था। प्लेन को रोकने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची। वह खिसकता हुआ खाई में गिर गया और उसमें आग लग गई। 166 में से 158 लोग नहीं बच पाए।
चौथा हादसा तब हुआ जब कोहरे में खो गया विमान रास्ता, जी हाँ तारीख 19 अक्टूबर 1988, मुंबई से अहमदाबाद जा रही फ्लाइट लैंडिंग से बस कुछ मिनट पहले ही हादसे का शिकार हो गई। उस दिन बहुत घना कोहरा था। रनवे का अंदाजा नहीं लग पाया। पायलट रनवे ठीक से देख नहीं सका और विमान पेड़ों और बिजली के खंभों से टकरा गया। जिसमे 135 में से 133 लोगों की जान चली गई।
पांचवां हादसा इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट में उड़ते ही आग लग गई। 12 अक्टूबर 1976 को मुंबई से उड़ा प्लेन कुछ ही मिनटों में बेकाबू हो गया। उसके दाहिने इंजन में विस्फोट हुआ, जिससे प्लेन में आग लग गई। कंट्रोल सिस्टम फेल हो गया और विमान गिरकर क्रैश हो गया। सभी 95 यात्री मारे गए।
इन हादसों ने अनगिनत घरों को उजाड़ दिया। 12 जून का अहमदाबाद क्रैश भी उन्हीं में से एक बन गया।






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