स्टेट हाईवे पर अवैध पत्थर से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ने पर हंगामा, बेबस नजर आई वन विभाग की टीम
अवैध उत्खनन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार देर रात इसका जीवंत उदाहरण तब सामने आया जब वन विभाग की टीम ने अवैध पत्थर से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ लिया। मामला धीरे-धीरे तनावपूर्ण होता गया और स्टेट हाईवे पर करीब एक घंटे तक हंगामा और ड्रामा चलता रहा। एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले के सागर नाका पुलिस चौकी क्षेत्र की है, जहां वन विभाग के कर्मियों ने अवैध पत्थर से लदी ट्रॉली को पकड़ा।
जैसे ही ट्रॉली को रोका गया, खनन माफिया सक्रिय हो गए और उन्होंने ट्रॉली को छुड़ाने की कोशिश शुरू कर दी। ट्रॉली को जैसे-तैसे शहर के अंदर लाया गया, लेकिन पीजी कॉलेज के पास माफियाओं ने ट्रॉली को बीच सड़क पर अड़ा दिया। मामला और गंभीर तब हो गया जब ट्रॉली को PWD ऑफिस के पास ले जाया गया, जहां खनन माफिया अपने परिवार की महिलाओं को साथ लेकर मौके पर पहुंचा और वन विभाग की टीम से सीधा भिड़ गया।
माफिया ने मोबाइल पर रॉयल्टी की फोटो दिखाकर वैधता का दावा किया, लेकिन वन विभाग के कर्मचारियों ने उसे फर्जी और झूठा करार दिया। हालात बिगड़ते देख वन विभाग ने तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। लेकिन एक खनन माफिया और एक महिला को काबू करने में दर्जनों पुलिसकर्मी और महिला पुलिसकर्मी असफल रहे। तब वन विभाग के रेंजर विक्रम चौधरी ने मोर्चा संभाला और खुद माफिया को पकड़कर पुलिस वाहन में बैठाया। इस कार्रवाई के बाद ही जाकर स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में आई। पकड़े गए आरोपी को कोतवाली थाना ले जाया गया, जहां आगे की जांच और कार्रवाई शुरू की गई है।
इस पूरी घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दमोह जिले में अवैध खनन माफिया पूरी तरह बेखौफ हैं। ना तो वन विभाग और ना ही खनिज विभाग इनके खिलाफ कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई कर पा रहा है। पुलिस और वन विभाग की मौजूदगी में भी अवैध उत्खनन में लिप्त माफिया खुलेआम चुनौती दे रहे हैं, जो प्रशासनिक लापरवाही और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।