Sagar में ड्रोन उड़ाना नहीं बनाना भी सीखेंगे, यूनिवर्सटी मेंं शुरू हो रहा ये स्पेशल कोर्स
ड्रोन टेक्नालाॅजी के चलते कई तरह के बदलाव देखने मिल रहे हैं. ड्रोन का उपयोग कई क्षेत्रों में लगातार बढ़ता जा रहा है. कृषि से लेकर होम डिलेवरी और युद्ध तक में ड्रोन्स इस्तेमाल होने लगे हैं. यही वजह है कि इस तकनीक से रोजगार के कई अवसर पैदा हो रहे हैं. ऐसे में नई पीढ़ी को ड्रोन टेक्नोलाॅजी और मैन्युफैक्चरिंग सिखाने के लिए मध्य प्रदेश की सेंट्रल यूनिवर्सटी डाॅ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय में स्पेशल कोर्स शुरू हो रहे हैं.
मीडिया अधिकारी डॉ विवेक जायसवाल ने बताया, डाॅ.हरिसिंह गौर यूनिवर्सटी और गुजरात की कौशल्या स्किल यूनिवर्सटी के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं. कौशल्या स्किल यूनिवर्सटी के महानिदेशक प्रो.एस पी सिंह और सागर यूनिवर्सटी की कुलपति डाॅनीलिमा गुप्ता की मौजूदगी में ये अकादमिक समझौता हुआ है. प्रो.एसपी सिंह ने बताया, हमारी यूनिवर्सटी पूरी तरह से स्किल डेव्लपमेंट आधारित कोर्स संचालित करती है.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का मुख्य उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत तैयार करना है. इसके लिए जरूरी है कि देश के हर नागरिक के पास कोई ना कोई कौशल हो, जिससे वह अपने जीवन यापन के लिए किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहे. आज की नौजवान पीढ़ी भी कोई न कोई ऐसा हुनर सीखना चाहती है कि वो आत्मनिर्भर बने और आज के समय के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके