FIR के बाद से मंत्री विजय शाह अंडरग्राउंड, सीएम बोले- जो कोर्ट ने कहा, उसका पालन किया
मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह एफआईआर दर्ज होने के बाद से भूमिगत हो गए हैं। उनके भोपाल स्थित आवास और ऑफिस से लेकर खंडवा स्थित आवास तक सन्नाटा पसरा है। यहां तक कि इंदौर स्थित फ्लैट पर भी ताला लगा है। इंदौर में वन विभाग और जनजातीय विभाग की कार्यशाला के होर्डिंग्स पर लगे मंत्री विजय शाह के मुस्कुराते फोटो को छिपा दिया गया है। उनके फोटो की जगह पीएम नरेंद्र मोदी के फोटो लगाए गए हैं। मंत्री विजय शाह के मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि न्यायालय ने जो कहा, सरकार ने उसका पालन किया है। वहीं मंत्री के इस्तीफे की कांग्रेस की मांग पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस खुद सवालों के घेरे में है। उनके हर नेता पर कोई न कोई मामला लंबित है। फिर भी वे दूसरों से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
विजय शाह के बयान को लेकर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा है कि किसी भी जनप्रतिनिधि को संयम रखना चाहिए। मंत्री पर कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर इस विषय पर चर्चा चल रही है। नेतृत्व इस मामले को लेकर गंभीर है। कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देने के बाद से ही मंत्री विजय शाह के खिलाफ लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। गुरुवार को भी कांग्रेस ने भोपाल समेत प्रदेश के अन्य शहरों में प्रदर्शन कर मंत्री शाह के इस्तीफे की मांग की। शाह के बचाव में उतरी मंत्री बागरी और विधायक डोडियार मंत्री प्रतिमा बागरी और रतलाम से सैलाना से भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार मंत्री विजय शाह के बचाव में आगे आए हैं।
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा- मुश्किल से आदिवासी व्यक्ति को मंत्री बनने का मौका मिलता है। विजय शाह जी एक मंजे हुए राजनेता हैं, जो बात उन्हें विनम्रता पूर्वक कहनी थी वो बात उन्होंने दोनों देशों में मौजूदा हालातों के कारण जोश में कह दी। जिस पर दुनिया ने अपने तरीके से अर्थ निकालने शुरू कर दिए। पार्टी और विचारधारा अपनी जगह पर है, हम शाह का समर्थन करते हैं। उन्हें टारगेट इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वो आदिवासी है।
मंत्री विजय शाह पर एफआईआर के बाद पुलिस की जांच शुरू हो गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। एफआईआर पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है और हाईकोर्ट से आदेश मिलने के बाद एफआईआर में बदलाव होगा। मंत्री विजय शाह के अंडरग्राउंड होने से उनके समर्थकों में चिंता है। वहीं कांग्रेस की मांग है कि मंत्री विजय शाह को इस्तीफा देना चाहिए। अब देखना यह है कि आगे क्या होता है।