सागर- वैशाख पूर्णिमा पर लाखा बंजारा झील किनारे विशेष गंगा आरती का आयोजन
सागर शहर में लाखा बंजारा झील किनारे विट्ठल मंदिर घाट पर वैशाख पूर्णिमा के बेहद शुभ दिन सोमवार को विशेष गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न वार्डों के नागरिकगणों ने भक्तिभाव से गंगा आरती कर दीप दान किया और धर्म लाभ लिया। गंगा आरती का आयोजन प्रति सोमवार किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य वातावरण को स्वच्छ बनाने, ऐतिहासिक लाखा बंजारा झील को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की सामाजिक चेतना नागरिकों में लाना है। इस दिन स्नान, दान और पूजा-पाठ करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
लाखा बंजारा झील किनारे विट्ठल मंदिर घाट पर विशेष साज सज्जा के साथ गंगा आरती की गई। झील किनारे चकराघाट से गणेश घाट तक का क्षेत्र अनेक मंदिर एवं गंगा आरती के आयोजन से सागर नगर का सबसे बड़ा धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का केंद्र बन गया है।वैशाख पूर्णिमा पर दीप दान की विशेष व्यवस्था की गई। लगभग 1000 आंटे के दीपक, छियोल के पत्ते से बने दोने और मोमबत्ती माचिस प्रदान कर दीप दान कराया गया। इस दिन स्नान, दान, पूजा-पाठ और दीप दान करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
गंगा आरती में शहर के जो भी सम्माननीय नागरिकजन यजमान बनना चाहते हैं, वे गंगा आरती के आधा घंटा पहले आरती स्थल चकराघाट पर संपर्क कर मुख्य यजमान बन सकते हैं। वैशाख पूर्णिमा पर लाखा बंजारा झील किनारे विशेष गंगा आरती का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के विभिन्न वार्डों के नागरिकगणों ने भक्तिभाव से गंगा आरती कर दीप दान किया और धर्म लाभ लिया। गंगा आरती का आयोजन शहर में स्वच्छता, सुंदरता, उन्नति और समृद्धि के उद्देश्य से किया जा रहा है।