शादी में दूल्हे को दहेज़ में चाहिए स्कॉर्पियो,नहीं मिली तो शादी से किया इंकार, परिवार पहुंचा थाने
लड़का लड़की ने एक दूसरे को देखा, दोनों एक दूसरे को पसंद आये, लड़का जनपद पंचायत में असिस्टेंट ऑडिटर और लड़की जनपद पंचायत में ADEO, दोनों के परिवार भी शादी को राजी हुए और बात लेनदेन यानि दहेज़ की भी पक्की हो गयी। ये सब हुआ करीब एक साल पहले, दोनों परिवारों की रजामंदी से सगाई भी कर ली। गोद भराई की रस्म भी हुई थी, जिसमें करीब 200 लोग शामिल हुए । लड़के को सगाई में सोने की अंगूठी, नकद पैसे और बाकी रस्मों के तोहफे दिए गए और शादी की तारीख 11 मई तय हुई।
इसके बाद जब शादी के कार्ड भी बंट गए और रिश्तेदारों को न्योता भी भेजा जा चुका तब अचानक दहेज़ की मांग बढ़ गयी जैसे-जैसे शादी का दिन नजदीक आया, लड़की वालों का कहना है कि लड़के वाले चार पहिया गाड़ी यानी स्कॉर्पियो और बाकी सामान की मांग करने लगे। जब लड़की के पिता ने कहा कि वह ये सब नहीं दे सकते, तो लड़के वालों ने शादी से मना कर दिया।
ये मामला छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाने का है यहाँ नुना गांव की रहने वाली रागनी पटेल और राजनगर के दलपतपुर गांव के रहने वाले कृष्णकांत पटेल की शादी तय हुई थी। रागनी जनपद पंचायत में सहायक विकास विस्तार अधिकारी के पद पर काम करती हैं।जबकि राजनगर के दलपतपुर रहने वाले कृष्णकांत पटेल जनपद पंचायत में असिस्टेंट ऑडिटर हैं।
दोनों पढ़े लिखे और सरकारी कर्मचारी है। लेकिन बाबजूद इसके दहेज़ की वजह से ये रिश्ता होते होते रह गया , मामला थाने तक जा पहुँचा। लड़की के परिवार के करीब दो दर्जन लोग थाने पहुंच गए और लड़के वालों के खिलाफ शिकायत की।