मध्यप्रदेश के सागर में राजनीतिक घमासान जारी! क्या है असल वजह
मध्यप्रदेश के सागर में राजनीतिक घमासान अभी भी जारी है, और अब इसके केंद्र में सागर नगर पालिक निगम की महापौर संगीता सुशील तिवारी हैं। 18 अप्रैल को उन्होंने मेयर इन काउंसिल (MIC) से विधायक शैलेन्द्र जैन की समर्थक पार्षद आशा रानी जैन को बाहर कर पार्षद शैलेन्द्र ठाकुर को शामिल किया था, जिसके बाद राजनीतिक घमासान होना तय हो गया था। महापौर के इस कदम पर बीजेपी जिला संगठन ने आपत्ति जताई और प्रदेश संगठन को इसकी शिकायत की, जिसके बाद महापौर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। 28 अप्रैल को संगीता तिवारी ने भोपाल में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के सामने अपना पक्ष रखा, और जानकारी के अभाव में यह कदम उठाने की सफाई दी।
लेकिन इस सब से एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आखिर क्यों बार-बार महापौर, या कहें पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के खेमे के नेताओं द्वारा पार्टी की दिशा से अलग कदम उठाए जाते हैं। जैसा कि सब जानते हैं, सुशील तिवारी पूर्व मंत्री और खुरई से विधायक भूपेंद्र सिंह के खेमे से हैं, और पार्षद शैलेन्द्र ठाकुर भी भूपेंद्र सिंह के करीबी नेता हैं। भूपेंद्र सिंह फिलहाल अपनी पार्टी और सरकार में साइड लाइन पर चल रहे हैं, और उनके बयानों और नाराजगी ने उनके तेवर साफ जाहिर किए हैं। अब उनके समर्थक भी बार-बार ऐसे कदम उठाते हैं, जिससे संगठन और सत्ता दोनों को हस्तक्षेप करना पड़ता है।
विधायक शैलेन्द्र जैन और सुशील तिवारी के बीच राजनीतिक मनमुटाव हमेशा से रहा है। भूपेंद्र सिंह भी कई बार विधायक शैलेन्द्र जैन के खिलाफ हलचल करते हुए देखे गए थे, खासकर जब उनका दीपावली मिलन समारोह नगर विधानसभा में जगह-जगह आयोजित हुआ था। इसके अलावा, भूपेंद्र सिंह और मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत के बीच तनाव भी जस का तस बना हुआ है।
अब जब श्याम तिवारी, भूपेंद्र सिंह के तमाम प्रयासों के बावजूद सांसद राजबहादुर सिंह को पछाड़कर बीजेपी जिला अध्यक्ष बने हैं, तो यह साफ है कि भूपेंद्र सिंह और उनके समर्थकों के कोई भी कदम, जो पार्टी की धारा से थोड़ा भी अलग हो, विवादों में आएंगे।
जहां एक ओर क्षेत्रीय समाज दो हिस्सों में बंट चुका है, वहीं अब ब्राह्मण समाज में भी सुशील तिवारी के सक्रिय होने के बाद विधायक शैलेन्द्र जैन के समर्थन में एक दूसरा खेमा तैयार हो चुका है। ऐसे में आने वाले दिनों में राजनीति कितने रंग और ढंग बदलती है, यह देखना दिलचस्प होगा।