Sagar- सरकारी नीति ने उड़ाई शिक्षकों नींद, बर्खास्तगी के डर से बन रहे ब्लैकमैलिंग का शिकार
मध्य प्रदेश में सरकारी शिक्षकों के अगर तीन बच्चे हैं तो 2001 की नीति के अनुसार उन्हें नौकरी करने का अधिकार नहीं है, हाल ही में एक सरकारी शिक्षिका के तीन बच्चे होने पर उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है, इसके बाद तीन बच्चों वाले शिक्षकों की नींद उड़ी हुई है, और कुछ ब्लैकमेल इसका फायदा उठाकर उनसे मोटी रकम वसूल दे की जुगत में है, इस तरह की ब्लैकमेलिंग को रोकने के लिए सागर में शिवसेना ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन दिया है
शिवसेना जिला प्रभारी विकास सिंह ने कहा सरकार की दो बच्चों वाली नीति का कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए दुरुपयोग कर रहे हैं जिससे शिक्षक मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं और शिक्षक विद्यालयो मैं छात्रों को अच्छी शिक्षा प्रदान नहीं कर पाते और परीक्षा परिणाम खराब होते हैं सरकार की दो बच्चों की नीति शासकीय कर्मचारी के लिए जी का जंजाल बन चुकी है जिसमें अब संशोधन की आवश्यकता है दो बच्चों की जगह तीन बच्चों नीति लागू करना चाहिए, इसके खिलाफ शिवसेना मुख्यमंत्री मोहन यादव के सागर आगमन पर बच्चों की नीति में संशोधन की मांग को लेकर ज्ञापन सौपेगी और मांग पूर्ण न होने तक चरणबद्ध आंदोलन भी किया जाएगा