दमोह के फर्जी डॉ. केम की रिमांड बढ़ी, पुलिस एक दिन और करेगी पूछताछ | sagar tv news |
एमपी के दमोह के मिशन अस्पताल में 7 हृदय रोगियों की जान जाने के मामले में फर्जी डॉक्टर नरेंद्र यादव उर्फ एन जॉन केम की पुलिस रिमांड बढ़ा दी गई है। न्यायालय ने पुलिस की मांग पर एक दिन की अतिरिक्त रिमांड मंजूर की है, जिससे पुलिस अब एक दिन और आरोपी से पूछताछ कर सकेगी। आरोपी डॉक्टर ने न्यायालय में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसका सर्जरी सक्सेस रेट 92% है, जो एक सर्जन के लिए बेहतर प्रतिशत है। उसने यह भी दावा किया कि उसकी एमबीबीएस की डिग्री असली है और उसका रजिस्ट्रेशन भी है। इसके अलावा, उसने अपना नाम बदलने के लिए सरकारी प्रक्रिया के सभी मापदंडों को पूरा किया है।
पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को 7 अप्रैल को प्रयागराज से गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने पहले 5 दिन की रिमांड मांगी, जो मंजूर हुई। फिर 13 अप्रैल को 4 दिन की रिमांड भी मिली। अब न्यायालय ने एक दिन की अतिरिक्त रिमांड मंजूर की है। सीएसपी अभिषेक तिवारी के अनुसार, जांच में कुछ पूछताछ अभी बाकी है और कुछ दस्तावेज भी एकत्रित करने हैं, इसलिए एक दिन की अतिरिक्त रिमांड मांगी गई थी। बुधवार 16 अप्रैल को मिशन अस्पताल को सीएमएचओ ने तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया था।
सीएमएचओ मुकेश जैन ने बताया कि अस्पताल को लाइसेंस रिन्यूअल के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करने का एक सप्ताह का समय दिया गया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने मांगे गए दस्तावेजों को ऑनलाइन जमा नहीं किया। इसके अलावा, अस्पताल में लैब टेक्नीशियन और कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं की गई थी। इन कमियों के चलते अस्पताल का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है।
अब आरोपी डॉक्टर को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस लगातार फर्जी डॉक्टर के आरोपी से प्राप्त फर्जी दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ जारी रखेगी। इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है और आरोपी डॉक्टर की रिमांड बढ़ाने का उद्देश्य फर्जी दस्तावेजों और अन्य सबूतों को इकट्ठा करना है।