युवा स्टार्टअप संचालक की संघर्ष की कहानी, कैसे एक ट्वीट ने बदली जिंदगी और फिर अब
एमपी के बुरहानपुर के युवा स्टार्टअप संचालक मुर्तुजा अमीन ने अपने नए दफ्तर में बिजली का मीटर लगाने के लिए काफी संघर्ष किया, लेकिन उनकी समस्या का समाधान तब हुआ जब उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को ट्वीट किया। मुर्तुजा अमीन, बुरहानपुर के एक युवा स्टार्टअप संचालक, ने अपने 8 साल के करियर में आईटी सेक्टर में एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने बुरहानपुर में शिक्षित युवाओं को रोजगार देने के लिए एक स्टार्टअप शुरू किया,
जिससे आज 85 युवा लाभान्वित हो रहे हैं। मुर्तुजा अमीन ने अपना नया दफ्तर दाउदपुरा में शुरू किया, लेकिन उन्हें बिजली का मीटर स्थापित कराने में काफी परेशानी आ रही थी। इस बीच, उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का एक बयान सुना, जिसमें उन्होंने अपील की कि भारत से अच्छा चायना में स्टार्टअप संचालक काम कर रहे हैं। इस पर मुर्तुजा अमीन ने ट्वीट कर पीयूष गोयल को अपनी समस्या बताई, जिससे आईटी और स्टार्टअप कम्युनिटी मुर्तुजा अमीन के समर्थन में आ गई।
इस ट्वीट का असर यह हुआ कि मुर्तुजा अमीन की सभी समस्याएं दूर हो गईं और मंत्री पीयूष गोयल ने स्टार्टअप्स के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया। मुर्तुजा अमीन चाहते हैं कि स्टार्टअप के लिए ऐसा माहौल बनाया जाए कि किसी को ट्वीट करने की नौबत न आए। मुर्तुजा अमीन के संस्थान के कर्मचारी भी उनकी इस पहल की सराहना करते हैं।
जीनत अंसारी, एक महिला कर्मचारी, कहती हैं कि मुर्तुजा अमीन की इस पहल से उन्हें और उनके जैसे शिक्षित बेरोजगारों को बुरहानपुर में अच्छा रोजगार मिल रहा है। हुजैफा नलवाला, एक अन्य कर्मचारी, कहते हैं कि सरकार को ऐसे संचालकों के लिए सिंगल विंडो जैसी सुविधा रखनी चाहिए। इस प्रकार, मुर्तुजा अमीन की कहानी यह दर्शाती है कि कैसे एक युवा स्टार्टअप संचालक अपनी मेहनत और संघर्ष से सफलता प्राप्त कर सकता है और अपने क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान कर सकता है।