अस्पताल में इलाज बना मज़ाक, स्टैंड की जगह बेटे से पकड़वाई बोतल, वीडियो आया सामने
टीकमगढ़ जिले के डॉ. राजेंद्र प्रसाद जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की दयनीय स्थिति एक बार फिर उजागर हुई है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने अस्पताल प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। वीडियो में एक छोटे लड़के को अपने बीमार पिता को दी जा रही सलाइन बोतल को हाथ से पकड़े हुए देखा जा सकता है, क्योंकि अस्पताल में स्टैंड तक उपलब्ध नहीं था।
यह घटना 10 अप्रैल की है, जब ग्राम सुंदरपुर निवासी पप्पू अहिरवार को बुखार और लूज मोशन की शिकायत पर जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान जब सलाइन लगाई गई, तो उसे टांगने के लिए स्टैंड उपलब्ध नहीं था। इस पर अस्पताल स्टाफ ने पप्पू के छोटे बेटे को बोतल पकड़ा दी, और वह कई मिनटों तक पलंग पर खड़ा होकर बोतल पकड़े रहा।
इस मानवीय संवेदना को झकझोरने वाले दृश्य को किसी परिजन ने वीडियो में कैद कर 11 अप्रैल को सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। वीडियो वायरल होते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
वीडियो वायरल होने के बाद टीकमगढ़ कलेक्टर ने तत्काल रोगी कल्याण समिति की बैठक बुलाई और मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्जिकल वार्ड का निरीक्षण किया। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए:
वार्ड बाय महेश वंशकार को निलंबित कर पलेरा स्वास्थ्य केंद्र में अटैच कर दिया गया।
ड्यूटी पर तैनात तीन स्टाफ नर्सों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
नर्सिंग स्टाफ को सख्त चेतावनी दी गई है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला अस्पताल की सहायक प्रबंधक डॉ. अंकुर साहू ने इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि, “वीडियो के वायरल होने के बाद तत्काल कार्रवाई की गई है। संबंधित वार्ड बाय को निलंबित कर दिया गया है और तीनों नर्सिंग स्टाफ से जवाब मांगा गया है। जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
यह घटना न केवल अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी सवाल खड़े करती है कि आखिर ऐसी मूलभूत चिकित्सा सुविधाएं क्यों नहीं उपलब्ध हैं। जहां मरीजों को सलाइन लगाने के लिए स्टैंड तक ना हो, वहां इलाज के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं।
वीडियो के सामने आने से जिला अस्पताल की झूठे दावों और व्यवस्थाओं की सच्चाई सामने आ चुकी है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस घटना को लेकर स्थायी सुधार की दिशा में कौन-कौन से कदम उठाता है।