Sagar- यहां पेड़ से निकले थे चमत्कारी हनुमान, फौजी के रूप में दर्शन देते भगवान
रौबदार मूंछे, बड़ी-बड़ी आंखें, पैरों में जूते और सलामी की मुद्रा। यह सेना के अफसर नहीं बल्कि सागर के मंदिर में विराजे भगवान बजरंगबली की प्रतिमा है। यह प्रतिमा सागर के प्रसिद्ध परेड हनुमान मंदिर में स्थापित है। परेड मंदिर सागर के महार रेजीमेंट क्षेत्र में स्थित स्टेशन हेड क्वार्टर रोड पर है। मंदिर करीब 400 साल पुराना है। मंदिर में रोजाना सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु हनुमानजी के दर्शन करने पहुंचते हैं।
मंदिर के पुजारी महंत राघवेंद्र गिरी बताते हैं कि परेड हनुमान मंदिर का इतिहास वर्षों पुराना है। यहां पहले परेड होती थी। इसलिए मंदिर का नाम भी परेड हनुमान मंदिर पड़ गया। आजादी से पहले मंदिर परिसर में एक बहेरे का पेड़ था। जिससे हनुमानजी की मूर्ति निकली थी। चबूतरे पर हनुमानजी विराजमान थे। परेड मंदिर से जुड़ी एक किवदंती प्रचलित है। बताते हैं कि वर्षों पहले एक फौजी हनुमान जी का बहुत बड़ा भक्त था।
वह रोज यहां आकर भगवान की पूजा-अर्चना करता था। एक दिन वह फौजी मंदिर आया और परिसर में साफ-सफाई करने के बाद भक्ति में लीन हो गया। उसी दिन सेना के कर्नल परेड लेने आए थे। लेकिन फौजी परेड में नहीं पहुंचा। जब फौजी को याद आया तो वह घबराते हुए दौड़कर परेड में पहुंचा और अपने अधिकारियों से माफी मांगने लगा। लेकिन वहां पता चला कि फौजी परेड में शामिल हुआ है और उसने उपस्थिति पर अपने हस्ताक्षर भी किए हैं। यह चमत्कार देख फौजी दंग रह गया। तभी से माना जाता है कि भगवान बजरंगबली फौजी का रूप धारण कर परेड में शामिल हुए थे और फौजी के हस्ताक्षर किए थे।
हनुमान जयंती पर शनिवार सुबह 5: 44 मिनट पर हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा और विशेष आरती की जाएगी यह आरती साल भर में केवल दो बार ही की जाती है, दिन भर अलग-अलग तरह के कार्यक्रम चलेंगे जिसमें भंडारा से लेकर हवन भजन कीर्तन शामिल है, इसके अलावा यहां पर 9 दिवसीय राम यज्ञ होगा जिसकी कलश यात्रा शुक्रवार की शाम को निकाली गई,