बगाज माता मंदिर में उमड़ी भीड़, लाखों श्रद्धालुओं ने चढ़ाए जवारे
टीकमगढ़ के बगाज माता मंदिर में चैत्र नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालुओं ने जवारे चढ़ाकर अपनी मनोकामना पूरी की। मंदिर में विद्या की देवी सरस्वती जी की प्रतिमा विराजमान है, जो बुंदेलखंड की प्रसिद्ध सिद्ध शाक्ति पीठ है। बगाज माता मंदिर में मां बागेश्वरी देवी का चमत्कारी प्रभाव है, जहां जहरीले जीव-जन्तुओं के काटने वाले पीड़ित लोग मंदिर परिसर में आकर परिक्रमा लगते ही ठीक हो जाते हैं। यहां किसी प्रकार की झाड़-फूंक नहीं होती, जिन लोगों की मनोकामना पूर्ण होती है, वे यहां आकर पूजन कर जवारे चढ़ाते हैं।
टीकमगढ़ एसडीएम लोकल सरल ने बताया कि सुबह 11 बजे तक लगभग एक लाख लोगों ने माता के दरबार में जवारे चढ़ाए। भीड़ अधिक होने के कारण मंदिर के चारों ओर से आने-जाने वाले लोगों के वाहनों को तीन किलोमीटर दूर से बैरिकेड लगाकर रोक दिया गया था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन के साथ पुलिस के 200 से अधिक कर्मचारियों को यहां लगाया गया था। इस अवसर पर यहां विशाल मेला भी लगता है, जिसमें दूर-दूर से लोग आकर शिरकत करते हैं।
बगाज माता मंदिर की मान्यता है कि यहां पर माता के भक्तों को कुछ न कुछ दिया जाता है, जैसे गरी, दही, फल आदि। जिस भक्त को माता रानी के द्वारा कुछ ना कुछ फल दिया जाता है, उसका कार्य पूरा होता है। बगाज माता मंदिर करीब 1100 वर्ष प्राचीन है। देवी मंदिर गांव से करीब 2 किमी दूर पहाड़ियों के बीच है। माना जाता है कि आज से करीब 500 वर्ष पूर्व वकपुरा गांव के लोगों ने इस पवित्र स्थल की पहचान कर यहां आना-जाना शुरू किया था।