Sagar- रानगिर में मां हरसिद्धि दिन में देती हैं तीन रूपों में दर्शन, यहां हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम
सागर जिले के रहली रानगिर में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बुंदेलखंड के जाने-माने कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी, जिसमें बल्लू बुंदेलखंडी सागर ग्रुप द्वारा भव्य राधा कृष्ण की झांकी के साथ "राधे नाम" का कीर्तन हुआ।
सागर से 60 किमी दूर स्थित प्रसिद्ध रानगिर देवी धाम, जहां स्वयंभू मां हरसिद्धि की प्रतिमा विराजी है। महत्व: देहार नदी के किनारे स्थित इस प्राचीन मंदिर में मां हरसिद्धि दिन में तीन रूपों में भक्तों को दर्शन देती हैं - सुबह कन्या रूप, दोपहर में युवा और शाम को वृद्धावस्था रूप में। नवरात्र महोत्सव: नवरात्र के दौरान सिद्धपीठ में श्रद्धालुओं की भीड़ नौ दिनों तक लगातार बनी रहती है, जिसमें शनिवार को दुर्गा अष्टमी मनाई जा रही है।
मेला: नवरात्र के पहले दिन से रानगिर में मेला लगता है, जिसमें जिले समेत आसपास के जिलों के श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंचते हैं।हरसिद्धि माता के दरबार में पहुंचने के लिए दो मार्ग हैं - सागर-नरसिंहपुर नेशनल हाईवे पर सुरखी के आगे 8 किलोमीटर अंदर और सागर-रहली मार्ग पर पांचमील से 10 किलोमीटर दाहिनी दिशा में। मेले के दिनों में सागर, रहली, गौरझामर, देवरी से कई स्पेशल बसें चलती हैं।
कार्यक्रम में बुंदेलखंड के जाने-माने कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी, जिसमें राधा कृष्ण की भव्य झांकी और "राधे नाम" का कीर्तन शामिल था। इस आयोजन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और उन्हें देवी की भक्ति और शक्ति का अनुभव कराया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का समापन एक भव्य प्रतिभोज के साथ हुआ, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने भाग लिया और देवी की कृपा और आशीर्वाद के लिए प्रार्थना की। इस आयोजन ने सागर के रहली रानगिर को एक बार फिर से धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित किया।