विक्रम संवत 2082:-भारत के अभ्युदय की शुरुआत में,सागर में गंगा आरती, भजन संध्या, दीपदान, आतिशबाजी और 56 भोग का आयोजन
हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2082 के शुभारंभ पर चकराघाट, सागर में भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भजन संध्या, आतिशबाजी और दीपदान के साथ ही 56 व्यंजनों का भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर नगर विधायक श्री शैलेंद्र जैन, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री श्याम तिवारी और नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री की उपस्थिति में प्रदेशव्यापी जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ भी किया गया। ऐतिहासिक झील को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संकल्प प्रत्येक सोमवार को चकराघाट स्थित विट्ठल मंदिर के सामने गंगा आरती आयोजित की जाती है। पर इस बार हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2082 के शुभारंभ रविवार को किया गया। स्मार्ट सिटी योजना के तहत झील और अन्य जलस्रोतों को स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त करने का अभियान चलाया जा रहा है। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अनुरूप शहर की सफाई और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि विक्रम संवत 2082 का शुभारंभ भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण की शुरुआत है। "हम अपनी संस्कृति और सभ्यता की ओर लौट रहे हैं। अब हर साल हम इसे और भव्य रूप से मनाने का संकल्प लेते हैं। "हमें जल संरक्षण के लिए जागरूक होना होगा, ताकि भविष्य में पानी की समस्या ना हो।"
जल गंगा संवर्धन अभियान – 90 दिनों तक चलेगा महाअभियान इस को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उज्जैन के क्षिप्रा तट से प्रदेशव्यापी जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया गया। 30 जून तक चलने वाले इस अभियान में जल संरचनाओं की सफाई और जीर्णोद्धार किया जाएगा। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन जल संरक्षण और भूजल स्तर बनाए रखने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाएंगे। भजन संध्या में भक्ति संगीत की शानदार प्रस्तुति हुई। आतिशबाजी के साथ हिंदू नववर्ष का स्वागत किया गया। विधायक, पार्षद, भाजपा पदाधिकारी और शहर के गणमान्य नागरिक इस आयोजन में शामिल हुए। हिंदू नववर्ष के इस भव्य आयोजन पर आपकी क्या राय है? कमेंट करें और शेयर करें!