Sagar -चुनावी बात और फाग उत्सव में कहासुनी और फिर युवक के साथ हो गई बड़ी अनहोनी, परिजनों ने लगाया चक्काजाम
सागर जिले के जैसीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम सेवन में चुनावी रंजिश और गांव में होली के फाग उत्सव के चलते हुए विवाद में 48 वर्षीय अरविंद सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई। परिजनों ने इसे मर्डर का मामला बताते हुए नामजद आरोपियों पर मर्डर की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई न करने पर परिजन गुरुवार दोपहर शव लेकर गेहूंरास चौराहे पर पहुंचे और सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया।
मृतक अरविंद सिंह के चचेरे भाई योगेश सिंह ने बताया कि रंगपंचमी के दिन गांव में फाग उत्सव चल रहा था, तभी एक व्यक्ति दौड़ते हुए आया और बताया कि हिमांशु ठाकुर, अभिषेक ठाकुर, मनोज ठाकुर, विशाल ठाकुर और अरुण ठाकुर मिलकर अरविंद से मारपीट कर रहे हैं। जब वह मौके पर पहुंचे तो आरोपी अरविंद को पीट रहे थे। योगेश ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद वह दौड़कर घर गए और परिजनों को बुलाकर वापस आए तो आरोपी अरविंद को उठाकर कूप में फेंक चुके थे।
परिजन अरविंद को तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और दोपहर 2 बजे पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया। परिजन जैसीनगर थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ मर्डर की एफआईआर दर्ज करने की मांग की। जब पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही, तो परिजन नाराज हो गए और शव लेकर सागर-सिलवानी स्टेट हाईवे 15 पर गेहूंरास चौराहे पर पहुंच गए। शाम 3:30 बजे से परिजनों और ग्रामीणों ने शव रखकर चक्काजाम कर दिया।
इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। परिजनों का कहना था कि हमने अपनी आंखों से देखा कि अरविंद को पीटने के बाद कूप में फेंका गया। वे मर्डर की धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे और शाम 6:30 बजे तक चक्काजाम जारी रहा। जैसीनगर पुलिस ने बताया कि शव का पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है और परिजनों के कथनों में कुछ विरोधाभास सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर ही नामजद एफआईआर दर्ज की जाएगी।