होली के दहकते अंगारो से निकलते ग्रामीण,सालो पुरानी अनोखी परम्परा देखिये पूरी खबर | sagar tv news |
होली का त्योहार मान्यताओं और परंपराओं का समागम है। देश के अलग-अलग हिस्सों में होली हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। लेकिन मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में होली के दिन एक अनोखी परंपरा का पालन किया जाता है, जिसमें ग्रामीण धधकते हुए अंगारों के बीच से निकलते हैं। यह परंपरा सिलवानी तहसील के दो गांवों महगवा और चंद्रपुरा में पिछले कई वर्षों से चली आ रही है। ग्रामीणों का मानना है कि इस परंपरा को पूरा करने से उन्हें प्राकृतिक आपदाओं से मुक्ति मिलती है और उनके घरों में सुख-समृद्धि आती है।
ग्रामीणों की आस्था इतनी मजबूत है कि वे बिना किसी हिचक के धधकते हुए अंगारों के बीच से निकलते हैं। यह परंपरा इतनी पुरानी है कि इसकी शुरुआत के बारे में किसी को भी पता नहीं है, लेकिन ग्रामीणों का मानना है कि यह परंपरा सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है। इस परंपरा में ग्रामीणों के साथ-साथ बच्चे और महिलाएं भी शामिल होती हैं। वे सभी धधकते हुए अंगारों के बीच से निकलते हुए दिखाई देते हैं। यह परंपरा इतनी अनोखी है कि इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाते हैं।
हालांकि, यह परंपरा खतरनाक भी हो सकती है, क्योंकि धधकते हुए अंगारों के बीच से निकलने से ग्रामीणों को चोट लग सकती है या वे जल सकते हैं। लेकिन ग्रामीणों का मानना है कि उनकी आस्था और विश्वास के कारण वे सुरक्षित रहते हैं।इस परंपरा को देखने के लिए आसपास के कई ग्रामों के ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्रित होते हैं।
यह परंपरा इतनी प्रसिद्ध हो गई है कि इसकी खबरें अखबारों और टीवी चैनलों में भी प्रकाशित होती हैं। इस प्रकार, मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में होली के दिन एक अनोखी परंपरा का पालन किया जाता है, जिसमें ग्रामीण धधकते हुए अंगारों के बीच से निकलते हैं। यह परंपरा इतनी पुरानी और अनोखी है कि इसकी खबरें पूरे देश में प्रसिद्ध हो गई हैं।