पुलिस विभाग में शोक की लहर, प्रधान आरक्षक के बेटे के साथ हो गई बड़ी अनहोनी, 5 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
दमोह में होली के त्योहार के बाद शनिवार को दमोह पुलिस लाइन में पुलिस विभाग का होली मिलन समारोह आयोजित किया गया था। जहां पुलिसकर्मी उत्साह के साथ कार्यक्रम में व्यस्त थे, वहीं अचानक एक दुखद घटना ने पूरे विभाग को शोक में डुबो दिया। शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे प्रधान आरक्षक तुलसीराम ठाकुर के 17 वर्षीय बेटे रूपेश ठाकुर की 40 फीट गहरे कूप में गिरने से जान चली गई। बताया जा रहा है कि होली खेलने के बाद रूपेश कूप के किनारे बैठा था, तभी उसे अचानक चक्कर आ गया और वह कूप में गिर गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे।
कोतवाली प्रभारी आनंद राज पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और चार से पांच गोताखोरों की मदद से युवक को बचाने का प्रयास किया गया। कूप में पानी भरा हुआ था, जिससे गोताखोरों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। डीजल पंप लगाकर 5 घंटे तक कुएं का पानी बाहर निकाला गया, लेकिन अफसोस, तमाम कोशिशों के बावजूद रूपेश को बचाया नहीं जा सका। रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया। इस हृदयविदारक घटना से पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।
जहां एक ओर पुलिसकर्मी होली मिलन समारोह में व्यस्त थे, वहीं जब यह दुखद खबर पहुंची, तो सभी स्तब्ध रह गए। रूपेश के पिता तुलसीराम ठाकुर मड़ियादो थाने में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। बेटे की असमय जान जाने से परिवार सदमे में है। पुलिस लाइन में रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की।