भारत की जीत का जश्न बना हंगामा, युवकों का मुंडन कर निकाला जुलूस, भाजपा विधायक ने उठाई आपत्ति
भारत-न्यूजीलैंड के फाइनल मैच में भारत की शानदार जीत के बाद रविवार रात देवास शहर के सयाजी द्वार पर भारी भीड़ जुट गई। क्रिकेट प्रेमियों ने जीत का जश्न पटाखे फोड़कर मनाना शुरू कर दिया। लेकिन यह उत्साह जल्द ही उग्रता में बदल गया, जिससे राहगीर और वाहन चालक घबरा गए। मौके पर मौजूद सिटी कोतवाली टीआई अजय सिंह गुर्जर ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन कुछ उग्र युवकों ने उनके साथ अभद्रता कर दी और पुलिस वाहन में तोड़फोड़ की कोशिश की।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने एक निर्दोष मोमोज दुकान संचालक अखिलेश यादव की पिटाई कर दी, जिसकी शिकायत सोमवार सुबह एसपी पुनीत गेहलोद को दी गई। CCTV फुटेज वायरल होने के बाद पुलिस आरक्षक मन्नूलाल वर्मा को लाइन अटैच कर दिया गया। घायल दुकानदार को इंदौर रेफर किया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर 10 युवकों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया और उनके खिलाफ शांति भंग सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया। देर शाम पुलिस ने इन युवकों का मुंडन कर एमजी रोड पर जुलूस निकाला, जिससे वे अपना चेहरा छिपाते नजर आए। युवकों का मुंडन कर जुलूस निकालने के मामले पर विवाद बढ़ गया। देवास की भाजपा विधायक गायत्रीराजे पवार ने एसपी ऑफिस पहुंचकर इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि युवकों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, ऐसे में उनका सार्वजनिक रूप से अपमान करना अनुचित है।
विधायक की आपत्ति के बाद एसपी पुनीत गेहलोद ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदौरिया को 7 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग पुलिस की कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि युवकों के साथ अन्याय हुआ है। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस विवादित मामले में क्या नया मोड़ आता है और क्या युवकों को राहत मिलेगी या पुलिस की कार्रवाई बरकरार रहेगी।