सागर में चल रही हड़ताल 7 दिन के लिए रोका आंदोलन,मांग पूरी नहीं होने पर 5 मार्च से फिर होगा
सागर जिला अस्पताल एवं बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के मर्जर के विरोध में चल रहे भारतीय मजदूर संघ का धरना उपमुख्यमंत्री एवं विधायक के आश्वासन पर 7 दिन के लिए स्थगित हो गया। 4 मार्च तक यदि मर्जर करने की कार्यवाही खत्म नहीं की जाती है तो 5 मार्च से धरना प्रदर्शन व आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन में नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार भी शामिल होंगे। ऐसा भरोसा सोमवार को धरना स्थल पर निगम अध्यक्ष ने आंदोलनकारी कर्मचारियों को दिया है। मंगलवार को जिला अस्पताल में पहले की तरह ही सभी स्वास्थ्य सेवाएं मिलने लगेंगी।
सोमवार को दोपहर तक चली हड़ताल के कारण शवों के पोस्टमार्टम नहीं हुए। मरीजों को भी ओपीडी में सेवाएं नहीं मिली।संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश जारोलिया ने बताया कि मर्जर नहीं जिला अस्पताल बंद करने का विरोध किया जा रहा है। यह नागरिकों का प्रदर्शन है। सोमवार को कार्यक्रम स्थल पर विधायक शैलेन्द्र जैन ने फोन पर उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल से बात कराई। इसमें उन्होंने कहा कि अभी प्रधानमंत्री का कार्यक्रम भोपाल में होने के कारण बैठक नहीं हो पा रही है। 7 दिन का समय दें। सभी की समस्या का समाधान जरूर करेंगे। विधायक ने कार्यक्रम स्थल पर अपने प्रतिनिधि के रूप में नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार को भेजा।
उन्होंने आश्वासन दिया कि विधायक ने 7 दिन में समस्या को दूर करने की बात कही है। किसी भी कीमत पर जिला अस्पताल और बीएमसी एक नहीं होंगे। अध्यक्ष अहिरवार ने कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गई तो मैं वृन्दावन अहिरवार स्वयं 5 तारीख से धरने पर बैठूंगा। मांग पूरी होने तक आमरण अनशन करूंगा। भले ही मुझे अपने पद से इस्तीफा ही क्यों न देना पड़े।
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. आरएस जयंत ने आभार माना।सिविल सर्जन को ज्ञापन दिया : धरना के दौरान नगरवासियों के नाम से मर्जर के विरोध में सिविल सर्जन को ज्ञापन दिया। इसमें बताया कि अभी जिला अस्पताल में स्वास्थ्य की बेहतर सेवाएं मिल रहीं हैं। मर्जर से समस्या होगी। मर्जर की प्रक्रिया बंद नहीं होती है तो आंदोलन तेज करेंगे। अनशन तक िकया जाएगा।