बीना सिविल अस्पताल में मृतिका मरीज ज्ञानबाई की तेरहवीं के उपलक्ष्य पर हुआ कन्या भोज व भण्डारा
सिविल अस्पताल बीना में 2 वर्ष पूर्व 80 वर्षीय लकवा, ब्लड प्रेशर व अस्थमा से पीड़ित गंभीर मरीज ज्ञानबाई को भर्ती करवाया गया था। बीना के नजदीक ग्राम बेलई निवासी मरीज ज्ञानबाई विश्वकर्मा लकवा के कारण चलने फिरने में असमर्थ थी एवं बार बार बीमार हो जाती थी इसलिए भर्ती होने के पश्चात उन्हें लगभग दो वर्ष तक सिविल अस्पताल बीना के महिला वार्ड में ही भर्ती रखा गया। इस दौरान सिविल अस्पताल बीना के डॉक्टरों डॉ वीरेन्द्र सिंह ठाकुर, डॉ हर्षिता परिहार अस्पताल स्टाफ कुसुम दत्ता, एम माइकल, सुरभि असाटी, आया विद्याबाई, राजबाई, स्वीपर राजेश, रवि, समाजसेवी श्री मनीष सिंघई आदि द्वारा मरीज ज्ञानबाई की सेवा, भोजन , नहलाना, उपचार आदि अपने परिजनों की तरह की गई।
स्वास्थ्य सेवा संगठन बीना के समाजसेवी श्री मनीष सिंघई द्वारा उनकी सेवा उनकी मां के समान की गई। 13 दिन पूर्व ज्ञानबाई की हालत काफी ज्यादा गंभीर हो जाने के कारण उन्हें 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया , जहां उनकी मृत्यु हो गई। उनका शव बीना वापिस आने के पश्चात उनके परिजनों के साथ साथ सिविल अस्पताल बीना के डॉक्टर्स, स्टाफ व समाजसेवियों द्वारा उनका अंतिम संस्कार करवाया गया एवं 13 दिन पश्चात दिनांक 23 फरवरी को मरीज ज्ञानबाई की तेरहवीं के अवसर पर उनकी आत्मा की शांति के लिए सिविल अस्पताल बीना के श्री धन्वंतरेश्वर शिव मंदिर में कन्या भोज एवं भण्डारा का आयोजन डॉक्टर्स, स्टाफ एवं श्री मनीष सिंघई द्वारा करवाया गया। इस अवसर ज्ञानबाई के पुत्र मुन्ना लाल विश्वकर्मा, पुत्रवधु लीला, पोता सौरभ व रिश्तेदार मनीराम भी कार्यक्रम में शामिल रहे।