डॉगी का माला पहनाकर स्वागत, किसान के घर से अचानक हुई लापता
सोशल मीडिया की ताकत, खो गई डॉगी को 8 दिन बाद मिलाया घर
एमपी के ग्वालियर में एक अनोखी घटना सामने आई है, जहां एक किसान की खो गई डॉगी को सोशल मीडिया की मदद से 8 दिन बाद मिलाया गया। यह घटना सोशल मीडिया की ताकत को दर्शाती है और यह भी दिखाती है कि कैसे यह एक-दूसरे की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ग्वालियर जिले के ररुआ गांव के रहने वाले किसान कल्लू पटेल की जर्मन शेफर्ड डॉगी 8 दिन पहले घर से अचानक लापता हो गई थी। इसके बाद कल्लू ने अपनी डॉगी की तलाश में कई जगहों पर कोशिशें की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद कल्लू ने सोशल मीडिया का सहारा लिया और अपनी गुमशुदा डॉगी का फोटो पोस्ट करते हुए उसकी तलाश में मदद की अपील की।
कल्लू के द्वारा पोस्ट में यह भी लिखा गया कि जो कोई भी डॉगी का पता देगा, उसे पुरस्कार भी दिया जाएगा। इसके बाद सोशल मीडिया पर कल्लू की डॉगी की तस्वीर वायरल हो गई और लोगों ने इसकी जानकारी साझा करनी शुरू कर दी।करीब 8 दिन बाद एक कॉल आई जो कि भितरवार जिले के एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी जर्मन शेफर्ड डॉगी सासन गांव के सुदामा शर्मा के यहां बंधी हुई है। यह सुनकर कल्लू पटेल ने तुरंत सासन गांव का रुख किया और सासन गांव पहुंचने पर उसने अपनी डॉगी को सुदामा शर्मा के घर से बरामद किया।जब कल्लू अपनी डॉगी को लेकर घर लौटे, तो गांव में एक तरह से खुशियों का माहौल था। बच्चों और गांव वासियों ने डॉगी का फूलों की वर्षा करके हुए उसका स्वागत किया और माला पहनाकर उसे सम्मानित किया। इस दौरान लोग पशु प्रेम का अद्भुत नजारा देखने को मिले।
इस घटना ने यह पूरी तरह से साबित कर दिया कि सोशल मीडिया सिर्फ इंसानों की मदद ही नहीं करता बल्कि यह किसी के दुख को भी रहम का काम कर सकता है। कुल मिलाकर यह घटना यह दिखाती है कि आजकल सोशल मीडिया का असर कितना गहरा हो सकता है और इसका सही उपयोग हमें एक-दूसरे की मदद करने के लिए करना चाहिए न कि नेगेटिविटी के लिए।