मध्य प्रदेश में बड़ा हादसा: एयरफोर्स का जेट विमान क्रैश, दोनों पायलट सुरक्षित
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा थाना क्षेत्र में एक बड़ा हादसा हुआ, जब भारतीय वायुसेना का एक जेट विमान क्रैश हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब विमान नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था। हालांकि, इस दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, और दोनों पायलट सुरक्षित बचने में सफल रहे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा सुबह के समय करेरा थाना क्षेत्र के सुनाई चौकी के पास हुआ। विमान जब नियमित प्रशिक्षण पर था, तभी अचानक तकनीकी खराबी के कारण क्रैश हो गया। स्थानीय निवासियों ने अचानक आकाश में धुआं उठते और जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी।
इसके बाद विमान तेजी से नीचे गिरता हुआ देखा गया। सौभाग्य से यह निर्जन क्षेत्र में गिरा, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। विमान क्रैश होने से पहले ही पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए खुद को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और वायुसेना की टीम मौके पर पहुंची। पायलट को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मेडिकल जांच की गई और वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इस घटना को लेकर वायुसेना की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और पायलट की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया।
जैसे ही सूचना मिली, स्थानीय पुलिस बल, फायर ब्रिगेड और एयरफोर्स की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कर दिया गया। भारतीय वायुसेना ने इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, यह दुर्घटना किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई हो सकती है। वायुसेना की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर ब्लैक बॉक्स की जांच कर रही है ताकि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके। वायुसेना के प्रवक्ता ने बताया कि पायलट का अनुभव और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के कारण बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने कहा कि,हमारी प्राथमिकता पायलटों की सुरक्षा होती है, और हम हर उड़ान के लिए सख्त सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं।
हादसे की गहराई से जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया। उन्होंने बताया कि पहले तो उन्हें लगा कि कोई विस्फोट हुआ है, लेकिन बाद में जब देखा तो एक जेट विमान गिरता हुआ नजर आया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को तत्काल सूचना दी, जिससे राहत कार्य तेजी से शुरू किया जा सका। यह हादसा वायुसेना के लिए एक बड़ा अलर्ट है, क्योंकि नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान इस तरह की दुर्घटनाएं चिंता का विषय बन सकती हैं। हालांकि, पायलट की सतर्कता और प्रशासन की तत्परता से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। अब सभी की नजर वायुसेना की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस घटना के असली कारणों का खुलासा करेगी।