बसंत पंचमी पर्व पर मां सरस्वती वंदना पूजा/निराला जयंती पर याद किया
खुरई/आज़ बसंत पंचमी पर्व पर शास.पं.के.सी.शर्मा उत्कृष्ट विद्यालय में मां सरस्वती की पूजा वंदन हवन किया गया। नोडल अधिकारी शिक्षक डॉ विनोद राय ने बताया कि बसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, बुद्धि, और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है । आज़ से ही मां सरस्वती की पूजा करके और शुभ कार्यों को करके जीवन में सकारात्मक ता एवं समृद्धि लाई जाती हैं बसंत और पंचमी बसंत का पांचवें दिन माघ शुक्ल पक्ष तिथि को बसंत पंचमी पर्व हम सभी मनाते हैं ।
मां सरस्वती को विद्या संगीत की देवी भी कहा जाता हैं। जिससे प्रकृति में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होता है। आज़ मां सरस्वती को खीर, केसरिया हलवा,केसर पेड़ा, अन्य पीले रंग के व्यंजनों का भोग लगाया गया।आज ही दिन हिन्दी साहित्य की अमर विभूति महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी का जन्मदिन 28.02.1899 भी है निराला जी के मन में निर्धनों के प्रति अपार प्रेम व पीड़ा थी वें अपने पैसे और वस्त्र खुले मन से निर्धनों को दें देते थे।इसी कारण से लोग उन्हें महाप्राण कहते थें।
मां सरस्वती की पूजा आराधना हवन-यज्ञ उपरांत सभी छात्र छात्राओं प्रसादी बांटी गई। इस अवसर पर प्राचार्य रविकांत असाटी, अशोक पाराशर, रामजी सिंह ठाकुर, एन.पी.तिवारी,उमाकांत शर्मा, दिलीप सिंह, संतोष सोनी, दिनेश साहू, रवीन्द्र खाटोल, प्रीती दुबे, रजनी अहिरवार, ऋषि कांत तिवारी,अलका चौरसिया, डिम्पल शिवहरे, नेहा रहरोरा, ऋचा दुबे, विश्वनाथ त्रिपाठी एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।