Sagar - छोटे-छोटे गांव से निकले बच्चे बने DSP, तहसीलदार, इंस्पेक्टर, MPPSC में हुआ सिलेक्शन
सागर जिले के बीना और खुरई के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभागियों ने मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा में स्थान प्राप्त किया है। इन्होंने अपनी सफलता से गांव, शहर और परिवार का नाम रोशन किया है।
बीना के परसौरा गांव में रहने वाली रश्मि अहिरवार का चयन एससी वर्ग से प्रथम रैंक में डीएसपी पद के लिए हुआ है। रश्मि ने उत्कृष्ट स्कूल क्रमांक 1 बीना से पढ़ाई की और वर्ष 2018 से इंदौर में रहकर तैयारी कर रही थीं। तीसरे प्रयास में उन्हें यह सफलता मिली है। उनके पिता रामचरण अहिरवार किसान हैं और मां गृहणी हैं। उन्होंने इसका श्रेय परिवार, मित्रों को दिया और सभी के सहयोग से सपना पूरा हुआ है। वर्तमान में वह इंदौर में हैं।
बीना के तजपुरा गांव में रहने वाले शिवम पिता बबलू दीक्षित का चयन नायब तहसीलदार के पद पर हुआ है। इन्होंने नगर के सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल से पढ़ाई की है और वर्ष 2018 से इंदौर में रहकर तैयारी कर रहे थे। शिवम को चौथे प्रयास में यह सफलता मिली है। भोपाल से बी-टेक करने के बाद सिविल सेवा की तैयारी शुरू की थी। इसका श्रेय उन्होंने दादा-दादी, शिक्षकों को दिया है। शिवम ने बताया कि सफलता के रास्ते में कठिनाइयां जरूर आती हैं लेकिन निराश नहीं होना चाहिए।
खुरई ब्लॉक के उरदोना गांव में रहने वाले विवेक सिंह दांगी का चयन परिवहन उपनिरीक्षक के पद पर हुआ है। साल 2019 से सेल्फ स्टडी कर तैयारी कर रहे थे और तीसरे प्रयास में यह सफलता मिली है। उनके पिता ओमकार सिंह शासकीय शिक्षक हैं। विवेक ने सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल और गुरुकुल स्कूल खुरई में पढ़ाई की है। उन्होंने बताया कि सतत प्रयास से सफलता मिलती है। जिंदगी में कोई भी मुकाम हासिल करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है लेकिन जब एक बार में सफलता नहीं मिले तो निराश नहीं होना चाहिए। सफलता कभी न कभी जरूर मिलती है।