Sagar - बीना और खुरई के ग्रामीण क्षेत्रों में किसान जंगली जानवरों से किसानों की फसलें नष्ट
सागर जिले के बीना और खुरई के ग्रामीण क्षेत्रों के किसान इन दिनों जंगली जानवरों से परेशान हैं। किसान अपनी फसल को बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। लेकिन जंगली जानवरों के आतंक ने उनके सारे प्रयास फेल कर दिए हैं। सुअर, बंदर और हिरणों के झुंड किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बीना के सेमरखेड़ी गांव में रहने वाले किसान सीताराम ठाकुर ने बताया कि उन्होंने एक एकड़ में चना की फसल बोई थी, जिसके अधिकांश हिस्से की फसल जंगली सुअरों ने नष्ट कर दी है और जो फसल शेष बची है वह भी सुरक्षित नहीं है। आसपास के अन्य किसानों की फसल भी नष्ट की है।
किसान ने एसडीएम से मुआवजा दिलाने की मांग भी की थी। साथ ही वन विभाग के अधिकारियों से भी इसकी शिकायत की लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। बीना और खुरई क्षेत्र में हिरणों की संख्या भी ज्यादा है और इनके झुंड के झुंड फसलों में पहुंचकर फसल नष्ट करते हैं। हर वर्ष जंगली जानवर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन मुआवजा नहीं मिल पाता है। इसकी प्रक्रिया जटिल होने के कारण किसान आवेदन ही नहीं देते हैं। रात के समय में गाय, सांड और जानवरों के झुंड खेतों में बोई गई फसल को खराब करने के लिए घुस जाते हैं।
इनमें वह गाय भी शामिल हैं जो कि पालतू हैं और रात के समय में छोड़ दी जाती हैं। इसके चलते खेत में बोई गई फसलों को यह मवेशी नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान प्रवीण असाटी, सुरेश पटेल ने बताया कि आवारा मवेशियों ने खेतों को अपना घर बना रखा है। हम किसान सुबह से लेकर रात तक अपने-अपने खेतों की निगरानी कर रहे हैं, लेकिन सभी प्रयास असफल दिख रहे हैं। किसानों का कहना है कि ध्यान नहीं रखेंगे तो फसल बर्बाद हो जएगी।