ईडी की बड़ी कार्रवाई रिटायर्ड सब रजिस्ट्रार केके अरोरा के घर छापेमारी,करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
एमपी के ग्वालियर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चार सदस्यीय टीम ने रिटायर्ड सीनियर सब रजिस्ट्रार केके अरोरा के मुरार स्थित सीपी कॉलोनी के आवास पर छापेमारी की। शुक्रवार सुबह शुरू हुई यह कार्रवाई पूरे दिन चली। ईडी टीम ने अरोरा के घर और उनकी गाड़ियों की भी तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनसे करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा होने की संभावना है।
जानकारी के मुताबिक, केके अरोरा पंजीयन विभाग में सीनियर सब रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत थे और रिटायर हो चुके हैं। उनका नाम विनय हासवानी के बिजनेस से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। हासवानी का नाम पहले भी कई विवादित मामलों में सामने आ चुका है। ईडी की टीम ने घर के अंदर कई घंटे तक दस्तावेजों की छानबीन की। टीम ने अरोरा के घर के साथ-साथ बाहर खड़ी गाड़ी में भी जांच की। इस दौरान टीम ने कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए।
सूत्रों का कहना है कि यह दस्तावेज करोड़ों की बेनामी संपत्ति से जुड़े हो सकते हैं। केके अरोरा के भाई ने मीडिया से बातचीत में कहा, मुझे इस कार्रवाई की पूरी जानकारी नहीं है। मैं मुरैना से हाल ही में आया हूं। अरोरा जी रजिस्ट्रार विभाग में थे और अब रिटायर हो चुके हैं। उनके बच्चे बाहर रहते हैं, और वह भी अक्सर बच्चों के पास बाहर जाते रहते हैं।” सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई का संबंध करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति और उसके लेन-देन से जुड़ा हो सकता है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं अरोरा ने रजिस्ट्रार के पद पर रहते हुए नियमों का दुरुपयोग कर संपत्ति अर्जित तो नहीं की। ईडी की टीम ने कई घंटों की कार्रवाई के बाद दस्तावेज और अन्य सामग्रियां अपने कब्जे में ले ली हैं। टीम अब दस्तावेजों की गहन जांच करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यह छापेमारी ग्वालियर में चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय लोग और पड़ोसी ईडी की कार्रवाई को लेकर हैरान हैं।
सीपी कॉलोनी जैसे पॉश इलाके में ईडी की इस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस छापेमारी से यह साफ हो गया है कि ईडी भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति के खिलाफ कड़े कदम उठा रही है। अब सभी की नजरें जांच के नतीजों पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में बड़ा खुलासा कर सकती है। ग्वालियर में ईडी की इस कार्रवाई से एक बार फिर बेनामी संपत्ति और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बहस छिड़ गई है।