Sagar-संत की तरह नियमों का पालन करती है ये हथनी, जानें अद्भुत गज परंपरा
सागर शहर की खूबसूरत लाखा बंजारा झील के किनारे ऐतिहासिक वृंदावन बाग मठ है, शहर के लोगो इस मंदिर से विशेष आस्था रखते हैं, इस मंदिर की सबसे आकर्षक और खास बात ये है कि ये मठ गज परंपरा का अनुसरण करता है. गज परंपरा के अनुसार यहां 5वीं परंपरा में हथिनी लक्ष्मी है. हथिनी लक्ष्मी की बात करें, तो एक संत की तरह नियम कायदों से इसकी भी दिनचर्या चलती है. रोजाना साढ़े 4 बजे सुबह मठ की आरती में शामिल होती है. साढ़े 10 बजे उसके सोने का समय है. इसके अलावा आवास-प्रवास और भोजन भी निश्चित समय पर करती है. सारा शहर गजलक्ष्मी के रूप में लक्ष्मी की सेवा करता है.