Sagar- 4 साल पहले बना था स्कूल, अब बिल्डिंग में घुसने पर डर रहे छात्र, जानिए क्या वजह
Sagar- 4 साल पहले बना था स्कूल, अब बिल्डिंग में घुसने पर डर रहे छात्र, जानिए क्या वजह
मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा नीति में बदलाव और सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि बच्चों को गांव-गांव में अच्छी शिक्षा मिल सके। इसके लिए शालाओं के उन्नयन और नए भवनों का निर्माण करोड़ों रुपये की लागत से किया जा रहा है। लेकिन सागर जिले के जरूवाखेड़ा संकुल अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल लुहर्रा में हालात अलग हैं। यहां बच्चों को जान जोखिम में डालकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है।
स्कूल भवन की हालत इतनी खराब है कि कई छात्रों ने अपने घरों में अभिभावकों से यह कहकर स्कूल न जाने की बात कही कि भवन जर्जर हो चुका है। इस पर अभिभावक और ग्राम पंचायत सरपंच पहलाद कुर्मी स्कूल भवन देखने पहुंचे। बच्चों ने बताया कि पूरी बरसात के दौरान एक दिन भी स्कूल ठीक से नहीं चल पाया। स्कूल में जगह-जगह पानी टपकता है और सीलन की वजह से दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। शौचालय की दीवारें और टाइल्स टूटकर गिर रही हैं, दरवाजे उखड़ चुके हैं, और इससे बच्चों को शौचालय के उपयोग में भी परेशानी हो रही है। बच्चों ने बताया कि उन्हें डर लगता है कि कहीं दीवारें या छत गिर न जाएं।
ग्रामीणों और सरपंच ने बताया कि इस भवन का निर्माण 2016 में एक करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से शुरू हुआ था, लेकिन कुछ ही वर्षों में यह पूरी तरह से जर्जर हो गया है। ठेकेदार अंकुर सूध द्वारा घटिया निर्माण कार्य किया गया है, जिसके कारण स्कूल में सुरक्षा का संकट पैदा हो गया है। सरपंच और अभिभावक शासन से इस मामले की जांच और ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्कूल प्रचार्य श्रीमति जयश्री जैन ने भी बताया कि उन्होंने संभागीय परियोजना यंत्री को इस समस्या के बारे में पत्र लिखकर सूचित किया है।