भूपेंद्र सिंह ने फिर दिखाए तीखे तेवर,अपनी ही सरकार को घेरा बोले-अधिकारी को निलंबित... sagar tv news
सागर जिले की खुरई से विधायक और पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह इन दोनों अलग ही तेवर अख्तियार किए हुए हैं, भूपेंद्र सिंह ने एक बार फिर विधानसभा में तल्ख अंदाज में नजर है चार दिन में यह दूसरा मौका है जब वह सरकार को सदन में घेरते हुए नजर आए, ध्यानाकर्षण के दौरान चल रही चर्चा के बीच वह सीट से खड़े हो गए।
कहने लगे कि जिस अधिकारी पर आरोप लग रहे हैं, उन्हें निलंबित करने में क्या आपत्ति है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से व्यवस्था की मांग कर दी। विपक्ष के कई विधायकों ने भूपेंद्र सिंह की बातों का शोरगुल के साथ समर्थन किया। जिसके बाद अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा। असल में भिंड से भाजपा विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह बिजली कटौती के सवाल पर मंत्री तुलसीराम सिलावट के जवाब पर आपत्ति कर रहे थे।
ध्यानाकर्षण के दौरान सदन में कहा कि भिंड में बिजली कंपनी के महाप्रबंधक की वजह से बिजली कटौती हो रही है। समय सीमा निर्धारित नहीं है। उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाने व लाइनों को सुदृढ़ करने के लिए योजनाएं तो स्वीकृत है लेकिन काम ही नहीं हो रहे हैं। लेकिन महाप्रबंधक की लापरवाही से काम ही आगे नहीं बढ़ रहा है। ऊर्जा मंत्री की ओर से जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने जवाब में विभाग द्वारा किए गए कामों की जानकारी पटल पर रखी और कहा कि काम हो रहे हैं। क्षेत्र में रोष जैसी स्थिति नहीं है।
जिस पर भाजपा विधायक कुशवाह ने आपत्ति लेते हुए कहा कि मंत्री ने पूरी रामायण पढ़ दी। असत्य छुपाने के लिए बहुत देर तक उत्तर पढ़ते रहे। अधिकारियों ने जो लिखकर दिया, वही पढ़कर सदन को गुमराह किया जा रहा है। इतने में कांग्रेस विधायक महेश परमार ने आपत्ति ली और कहने लगे कि नरेन्द्र कुशवाह की पीड़ा बहुत गंभीर है, उसे समझा जाना चाहिए
जब सदन में पक्ष-विपक्ष की बात का मंत्री तुलसीराम सिलावट जवाब दे रहे थे तभी भूपेंद्र सिंह कहने लगे कि नरेन्द्र सिंह बहुत वरिष्ठ सदस्य हैं। वे तथ्यात्मक बातें रख रहे हैं। मेरा आसंदी से आग्रह है कि संबंधित अधिकारी को निलंबित कर जांच कराई जाए, इसमें मंत्री को भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
तब अध्यक्ष ने भूपेंद्र सिंह का नाम लेते हुए कहा कि आप बहुत वरिष्ठ विधायक हैं। प्रश्न आ गया है। मंत्री ने विस्तृत उत्तर भी दे दिया है। जांच और कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है। आप बैठ जाएं।