भूपेंद्र सिंह ने खोला सियासी मोर्चा,गोविंद राजपूत ने दिया ये जवाब,जानिए पूरा मामला | sagar tv news |
सागर जिले की भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं में चल रही खींचतान अब सड़कों पर आ गई है, जिसने भाजपा की राजनीति में भूचाल ला दिया है, 2 दिन पहले पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के द्वारा दिए बयान पर मंत्री गोविंद राजपूत ने पलटवार किया है उन्होने भूपेन्द्र सिंह का नाम लिए बिना कहा- एक व्यक्ति क्या पार्टी से बड़ा हो गया है? पार्टी नेतृत्व इसे देख रहा है। मैं भाजपा की तीन कठिन सीमाएं पार कर चुका हूं।
बुधवार को भोपाल में एक मीडिया को दिए इंटरव्यू में भूपेन्द्र सिंह ने कहा था कि ये मामला सागर जिले का है, वहां दो लोगों को लेकर मेरी आपत्ति पहले भी थी और आज भी है। सबसे ज्यादा भाजपा के कार्यकर्ताओं पर अत्याचार इन्हीं दो लोगों ने किए हैं। ये कौन दो लोग हैं, इसकी जानकारी सभी को है। प्रशासन उनकी बात सुन रहा है, जो कांग्रेस से आए हैं। प्रशासन को पता है कि कब किसकी सुनना है। प्रशासन जिनके इशारे पर काम कर रहा है, वे नहीं चाहते कि भाजपा के मूल कार्यकर्ता मजबूत हों। वे तो कांग्रेस के लोगों को ही मजबूत कर रहे हैं। वे खुद भाजपा में कब तक रहेंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं है। भूपेंद्र ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन इतना जरूर कहा कि एक मंत्री है।
वही भूपेंद्र सिंह ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर भी बोला था कि वीडी शर्मा को पार्टी में आए हुए 5 से 7 साल हुए हैं, वे इससे पहले एबीवीपी में काम करते थे। उनका बयान घोर आपत्तिजनक है। मैंने उनकी अध्यक्षीय गरिमा का ध्यान रखते हुए प्रतिक्रिया नहीं दी थी, लेकिन उन्होंने पद की गरिमा का ध्यान नहीं रखा। चाहता तो मैं भी जवाब दे सकता था।
भूपेंद्र सिंह का यह बयान चर्चाओं में आने के बाद गुरुवार को मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भी विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत ने कहा मैं भारतीय जनता पार्टी की तीन कठिन सीमाएं पार कर चुका हूं
सागर के एक विधायक जब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पर टिप्पणी कर सकते हैं। बीजेपी बहुत ही अनुशासित पार्टी है। यहां प्रदेश अध्यक्ष के ऊपर टिप्पणी करना बहुत बड़ी बात है। उन्होंने टिप्पणी की, कि प्रदेश अध्यक्ष अभी कुछ दिन पहले, ही विद्यार्थी परिषद से आए हैं, उन्हें समझ नहीं है। विद्यार्थी परिषद से तो अमित शाह भी आए हैं, विद्यार्थी परिषद से नड्डा जी आए हैं, जहां तक मैंने सुना है कि राजनाथ सिंह भी विद्यार्थी परिषद से आए हैं।
राजपूत ने आगे कहा- आप विद्यार्थी परिषद से आए व्यक्ति को कोई महत्व नहीं दे रहे हो। कहने का मतलब यह है कि आप पार्टी से ऊपर हो गए हो। ऐसे व्यक्ति को पार्टी और शीर्ष नेतृत्व देख रहा है। मुझे ज्यादा टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है।