सागर-भाजपा पार्षद और महापौर पति के मामले में चौकाने वाला खुलासा सुनिए | sagar tv news |
सागर में भारतीय जनता पार्टी के पार्षद और महापौर पति को लेकर चल रहा मामला तूल पकड़े हुए हैं, अब इस मामले में वाल्मीकि जाटव समाज के कुछ लोग सामने आए हैं जिन्होंने पार्षद देवेंद्र अहिरवार के द्वारा लगाये गए सारे आरोपो को मनगढ़ंत बताया है, और इस मामले में पुलिस अधीक्षक के नाम एक लिखित आवेदन दिया है जिसमें पार्षद देवेंद्र अहिरवार की cdr निकालने और व्हाट्सएप चैटिंग की जांच करने की मांग की है
मीडिया से चर्चा में बताया कि 7 दिसंबर को भूमि पूजन के दिन वह लोग मौके पर मौजूद थे, महापौर पति सुशील तिवारी और उनके भतीजे रिशांक तिवारी के किसी भी तरह के जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया गया था, किसी राजनीतिक षड्यंत्र के चलते, किसी के दबाव में देवेंद्र अहिरवार के द्वारा ऐसे आरोप लगाए जिसकी वजह से अहिरवार समाज की छवि धूमिल हो रही है. ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि नगर निगम के अध्यक्ष वृंदावन, उनके भतीजे निखिल वार्ड के पार्षद को इस निर्माण का कमीशन नहीं मिलता जिसके चलते शासकीय कार्य में बड़ा डालकर राजनीतिक और सामाजिक छवि धूमल कर रहे हैं यह करीब 80 लाख का काम है और इसकी राशि अभी और बढ़ सकती है
उन्होंने पुलिस अधीक्षक से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है
बता दे की 7 दिसंबर को शमशान घाट की भूमि पूजन के लिए महापौर संगीता सुशील तिवारी, भतीजे रिशांक तिवारी, निगम के एमआईसी सदस्यों सहित वार्डो के कुछ पार्षद ,निगम के इंजीनियर ठेकेदार विट्ठल नगर पहुंचे थे जहां भूमि पूजन भी किया गया था लेकिन इसके बाद वहां के पार्षद देवेंद्र अहिरवार ने सुशील तिवारी और उनके भतीजे पर जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए थे यहां तक कि वह समाज के लोगों के साथ सड़क पर बैठ गए थे और मामला दर्ज करने की मांग करने लगे थे सुशील तिवारी ने इन सारे आरोपों को निराधार बताया था इसके बाद से यह मामला चल रहा है