मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी,रातापानी अभ्यारण बना मप्र के 8 वां टाइगर रिजर्व
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रायसेन जिले में स्थित रातापानी अभ्यारण को राज्य का आठवां टाइगर रिजर्व घोषित किया है। इस अवसर पर उन्होंने झिरी गेट पर फीता काटकर रातापानी टाइगर रिजर्व का लोकार्पण किया और पर्यटकों को सफारी वाहन में रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि रातापानी टाइगर रिजर्व को सर्वश्रेष्ठ टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश टाइगर स्टेट है और देश के सभी राज्यों की तुलना में सर्वाधिक टाइगर मध्य प्रदेश में हैं।
रातापानी टाइगर रिजर्व में लगभग 245 टाइगर हैं और यह क्षेत्र अपनी वन्यजीव संपदा के लिए प्रसिद्ध है। इस अभयारण्य में बाघ, तेंदुआ, सोनकुत्ता, स्लोथ रीछ, धारीदार लकड़बग्घा, गीदड़, लोमड़ी, चीतल, साम्भर, नीलगाय, चिंकारा, चौसिंगा, हनुमान लंगूर, रीसस बंदर और भारतीय शैल अजगर जैसे कई जानवर पाए जाते हैं।
दरअसल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की वन्य जीव संपदा को और अधिक संपन्न करने के लिए रातापानी टाइगर रिजर्व की अनुमति प्रदान करने पर प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के इस आठवें टाइगर रिजर्व का नाम विश्व विख्यात पुरातत्व विद डॉ.वाकणकर जी से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि रातापानी टाइगर रिजर्व में स्थित विश्व धरोहर भीमबेटका को वाकणकर के अथक परिश्रम के परिणाम स्वरुप ही पहचान प्राप्त हुई। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने झिरी गेट पर फीता खोलकर रातापानी टाइगर रिजर्व का लोकार्पण किया तथा झंडी दिखाकर पर्यटकों को सफारी वाहन में रवाना किया।