Sagar-लबालब भरी नदी के डेम में लीकेज से हर दिन घट रहा जलस्तर,छा सकते हैं संकट के बादल sagar tv news
सागर जिले बीना नदी को बीना की जीवनदायनी कहा जाता है नदी में पानी रोकने के लिए छपरेट घाट पर डेम बनाया गया है और 68 गेट लगे हुए हैं। लेकिन डेम के करीब सभी गेटों से पानी लीकेज हो रहा है, लेकिन इसे रोकने का प्रयास नगर पालिका द्वारा नहीं किया जा रहा है। लीकेज के कारण नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है और आगामी समय में पानी की परेशानी हो सकती है।
इस साल बारिश औसत से ज्यादा हुई है और बीना नदी पानी अच्छी भरी हुई है, लेकिन उसे लंबे समय तक सुरक्षित रख पाना मुश्किल होगा, क्योंकि डेम के गेटों का लीकेज बंद नहीं हो पा रहा है। गेटों से लगातार पानी निकल रहा है और इसे बंद करने के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। दिसंबर माह की शुरुआत में ही डेम का एक फीट पानी कम हो गया है।
यदि यही स्थिति आगे रही, तो समय से पहले ही नदी की तलहटी दिखने लगेगी। इसको लेकर न तो नगर पालिका के अधिकारी गंभीर है और न ही रेलवे के अधिकारी इस और ध्यान दे रहे हैं। जबकि यहां नगर पालिका के साथ-साथ रेलवे को भी ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि सबसे पहले परेशानी रेलवे को होती है। डेम के पास से ही किसान लगातार सिंचाई कर रहे हैं, लेकिन इन्हें रोकने वाला भी कोई नहीं है।
बीना सीएमओ रामप्रकाश जगनेरिया का कहना है कि यदि डेम के गेटों से पानी लीकेज हो रहा है, तो उसे बंद कराया जाएगा। वहां निगरानी के लिए दो कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।