Sagar- मकान बनाने का कर रहे प्लान,नींव में डाल दे ये पत्थर,बरसाने लगेगी भगवान की कृपा sagar tv news
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की बैकुंठ चतुर्दशी पर महीने भर के कठिन तप के बाद कार्तिक व्रत रखने वाली महिलाओं ने शहर में विभिन्न जगहों पर घाट पाट का पूजन किया। इस दिन महिलाओं ने विशेष प्रकार की पकवानों से भगवान का घर बनाया। जिसे सजाकर भगवान को 56 भोग लगाए और पूजन किया।
बैकुंठ चतुर्दशी के दिन भगवान हरिहर का मिलन होता है। इस दिन शिवालयों में भगवान भोलेनाथ को तुलसी मंजरी चढ़ाने का विशेष महत्व है। जिसे लेकर शहर के विभिन्न शिवालयों में भगवान शिव का तुलसी मंजरी से श्रृंगार किया गया। सागर शहर के गोपालगंज नाखरे गली में स्थित शिवालय में भी घाट पाट का पूजन किया गया,
दरअसल नया घर प्लान करने वालों के मन में हमेशा सुख समृद्धि रहे, परिवार में खुशहाली हो, भगवान का आशीर्वाद बना रहे ऐसी सभी की कामना होती है, लेकिन ऐसा उन लोगों के घर में होता भी है जो निर्माण की समय मकान की नींव में विश्रभा (कंकड़ पत्थर) डालते हैं. यह पत्थर कार्तिक व्रत करने वाली महिलाओं के कठिन जप तप व्रत करने से मिलते हैं. इसके लिए वे सुबह 4:00 बजे से उठकर नदी या कुआं के घाट पर जाकर स्नान करती हैं,
गीत गाती हैं और अपने भगवान की सेवा भाव के साथ पूजा अर्चना करती हैं. एक महीने तक दिन भर में केवल एक ही अनाज से बने भोजन को एक बार लेती हैं. रोजाना जहां पर स्नान करने जाती हैं वहीं से एक पत्थर लेकर आती है, इस तरह से 30 दिन के 30 पत्थर हो जाते हैं फिर आखरी दिन इनकी विशेष पूजा होती है, फिर उनको अपने घर में रख लेते हैं. जब कभी मकान का निर्माण होता है तो उसकी नींव में डाल देते हैं मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान श्री कृष्ण की उस घर पर हमेशा कृपा बनी रहती है.