Sagar-किसानों के भेष में दलाल सक्रिय, जबरन घुसकर बिगाड़ते है व्यवस्थाएं
Sagar-किसानों के भेष में दलाल सक्रिय, जबरन घुसकर बिगाड़ते है व्यवस्थाएं
सागर के किसान समय से अपने खेतों में बुआई करने के लिए तैयार हैं डीएपी संकट की वजह से वे खाद वितरण केंद्रों पर धक्के खाने को मजबूर हैं लेकिन इन्हीं सबके बीच कुछ दलाल और बिचौलिए भी सक्रिय हैं जो इन केंद्रों पर व्यवस्थाएं बिगड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं, यह बार-बार खाद लेने खड़े किसानों की लाइन से अंदर बाहर होते हैं और उन्हें रंगदारी दिखाकर पीछे करते रहते हैं और अपने साथियों को और खुद आगे बढ़ते जाते हैं कोई कुछ कहता है
तो उन्हें उल्टा सीधा सुना देते हैं खाद लेने आए किसान झगड़ा ना हो जाए इसलिए शांत रहते हैं और यह इसी बात का फायदा उठाते हैं, इसकी वजह से जो किसान सुबह 3:00 बजे 4:00 बजे जाकर लाइन में लग जाते हैं उनका नंबर ही नहीं आ पाता और ऐसे लोग मनमानी कर उनसे पहले खाद लेकर निकल जाते हैं और फिर जिन लोगों को साथ लेकर आते हैं उन्हें भी ऐसा ही करके खाद दिलवा देते हैं किसान ऐसे में खुद को ठगा सा महसूस करता है
मकरोनिया के जिला विपरण केंद्र की गोदाम से खाद का वितरण किया जा रहा, यहां पर एकाध पुलिसवाला भी तैनात किया जाता है लेकिन इन लोगों के सामने वह नाकाफी साबित होता है, सोमवार को भी ऐसे ही हालात यहां पर देखने को मिले जहां किसान अपनी बारी आने के लिए सुबह 4:00 बजे से पहुंच गए थे और शाम 5:00 बजे तक लाइन में लग रहे फिर भी उनका नंबर नहीं आया जबकि कुछ बिचौलिए टाइप के लोग बीच में अड़कर खाद लेकर मजा मारते हुए दिखाई दिए,
दरअसल सागर सहित पूरे बुंदेलखंड में किसी भी फसल की बुआई करने के लिए 15 नवंबर तक का समय बेस्ट माना जाता है क्योंकि यह इलाका कम पानी वाला है इसलिए किसान जल्दी बुवाई कर जल्द से जल्द अपनी फसल में एक दो सिंचाई कर लेते हैं लेकिन इस साल खाद की संकट में सभी को मुसीबत में डाल दिया है