देश का इकलौता यमराज मंदिर, जहां नरक चौदस पर होती है विशेष पूजा-अर्चना
देश का इकलौता यमराज मंदिर, जहां नरक चौदस पर होती है विशेष पूजा-अर्चना
एमपी के ग्वालियर के फूलबाग चौराहे के पास स्थित मार्कडेश्वर मंदिर में लगभग 300 वर्ष पुरानी यमराज की प्रतिमा स्थापित है। नरक चौदस पर यमराज की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, जिसमें भक्त यमराज से अपनी आत्मा को कम से कम यातनाएँ सहनी होंगी, इसके लिए याचना करते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यमराज ने भगवान शिव की तपस्या की थी,
जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने यमराज को बरदान दिया था कि जो भी नरक चौदस पर यमराज की पूजा-अर्चना करेगा, उसे स्वर्ग की प्राप्ति होगी। यमराज की पूजा में घी, तेल, पंचामृत, इत्र, फूलमाला, दूध-दही, सहद आदि से अभिषेक किया जाता है, इसके बाद दीप दान किया जाता है। देश भर से श्रृद्धालू नरक चौदस पर यहां आते हैं और यमराज की आराधना करते हैं।