Sagar - एक लाख की नौकरी छोड़ शुरू किया स्टार्टअप, अब इतने लोगों को दे रही रोजगार..CM ने की तारीफ
सागर की एक महिला ने आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की गजब मिसाल पेश की है कोरोना काल में जब उन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी से हाथ धोकर घर वापस लौटना पड़ा तब उन्होंने नौकरी तलाश करने की बजाय खुद का स्टार्टअप शुरू किया महज 6 महीने में ही 20 लोगों को नौकरी पर रखा है अब अपने स्टार्टअप को बिजनेस का रूप देने की और कदम बढ़ाया है आने वाले 2 साल में उन्होंने 100 लोगों को रोजगार देने की योजना बनाई है, उनके द्वारा गेहूं के भूसे , धान की पराली और गन्ने के छिलके से चाय पीने वाले डिस्पोजल और स्ट्रॉ तैयार की है जल्द ही वह इसी से प्लेट और कटोरी भी तैयार करने के लिए काम कर रहे हैं
दरअसल सागर की स्टेट बैंक कॉलोनी में रहने वाली डॉक्टर निलय शर्मा ने ग्वालियर की जीवाजी राव यूनिवर्सिटी में केमिकल इंजीनियरिंग की, गुना की जेपी यूनिवर्सिटी से एनवायरमेंट से एमटेक किया, और आईआईटी गुवाहाटी से पीएचडी की, इसके बाद डॉ शर्मा ने असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में आईआईटी जालंधर यूनिवर्सिटी में ज्वाइन किया शुरुआत में ही 80000 सैलरी मिलने लगी 11 महीने में यह सवा लाख पर पहुंच जाती, इसी समय कोरोना आ गया तब पहले भी भोपाल आई लेकिन फिर सागर लौट आई यहां केमिकल से पढ़ाई का फायदा उठाते हुए उन्होंने 2 साल तक रिसर्च की प्लास्टिक का विकल्प खोजा और पर्यावरण को लेकर मार्च 2024 में स्टार्टअप शुरू किया था पिछले महीने हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में स्थानीय महिला उद्यमी के रूप में इनका चयन किया गया था मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अवार्ड के साथ एक लाख की सम्मान राशि का चेक भी दिया था और स्टार्टअप सराहना की थी, उनका यह स्टार्टअप पर्यावरण को सुधारने की दिशा में है क्योंकि भूसे से जो कप बनाए हैं उसे जानवर भी खा लेते हैं मिट्टी में मिलकर खाद बन जाता है पानी में डालते हैं तो मछलियां खा लेती हैं किसी तरह का कोई प्रदूषण नहीं होता,