एक शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल, सुविधाओं के अभाव से बच्चे परेशान, शिकायत के बाद नहीं हुआ सुधार
एक शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल, सुविधाओं के अभाव से बच्चे परेशान, शिकायत के बाद नहीं हुआ सुधार
प्रदेश सरकार स्कूल शिक्षा में सुधार के लिए अनेक कदम उठा रही है शिक्षा सुधार के लिए नई नई नीतियों को लागू किया जा रहा है ताकि स्कूली छात्रों को शिक्षित बनाया जा सके लेकिन दमोह जिले के पथरिया में एक स्कूल ऐसा है जिसमें एक शिक्षिका के भरोसे प्राथमिक स्कूल संचालित किया जा रहा है। विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला प्राथमिक विद्यालय को भगवान भरोसे संचालित किया जा रहा है उच्च अधिकारियों द्वारा शिक्षक न होने से नन्हे मुन्ने बच्चों का भविष्य के साथ खिलवाड़ की जा रही है।
दअरसल दमोह के पथरिया विकासखंड के वार्ड क्रमांक 9 के शासकीय प्राथमिक शाला स्कूल में पदस्थ शिक्षिका रजनी खटीक के द्वारा कक्षा पहली से लेकर पांचवी तक की कक्षाओं को संचालित किया जाता है करीब डेढ़ वर्ष से एक ही शिक्षक के भरोसे स्कूल चल रहा है अब इतना अंदाजा आप भी लगा सकते हैं कि आखिर एक शिक्षिका के द्वारा पूरे स्कूल के 56 बच्चों को कैसे पढ़ाया जा सकता है शिक्षिका रजनी खटीक ने बताया गया कि पूर्व में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित संकुल को परेशानी बताई और एक शिक्षक की मांग को लेकर लिखित शिकायतें भी की है
लेकिन आश्वासन ही मिलता है कई बार तो ऐसा भी हुआ है कि स्कूली कार्यों को लेकर या फिर विभागीय मीटिंग में सम्मिलित होने के लिए स्कूल में ताला लगाना पड़ता है यदि कभी स्वास्थ्य खराब होने या फिर अवकाश की स्थिति में मजबूरी में स्कूल में ताला लगाना पड़ता है जिससे अध्यनरत छात्र-छात्राओं के अध्यापन कार्य में बाधा में उत्पन्न होती है। भगवान के भरोसे चल रहे प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों की कमी से सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है। इनका असर विद्यालय के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर अभी से पड़ने लगा है। वहीं दूसरी ओर स्कूल के बच्चों ने भी एक शिक्षक की मांग को लेकर शिकायत दर्ज कराई है उनका कहना है
कि एक शिक्षिका के भरोसे स्कूल संचालन किया जा रहा है जिससे बच्चों की पढ़ाई ठीक तरीके से नहीं हो पा रही है शिक्षिका द्वारा जब विभाग यह कार्य रहता है तो स्कूल में ताला लगा होने की स्थिति में बच्चे इधर-उधर सड़कों पर घूमते रहते हैं शासन प्रशासन से मांग करते हैं कि एक शिक्षक की व्यवस्था कराई जा सके ताकि हमारे बच्चे लगन से पढ़ाई कर सके। स्कूल परिसर में शिक्षक के अभाव होना तो सबसे यह मुद्दा ही है लेकिन उससे भी यह मुद्दा तो यह है कि स्कूल में बच्चों के लिए पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है बच्चों को स्कूल के सामने से निकली मुख्य सड़क को पार करके पानी भरने जाना पड़ता है उसके बाद स्कूली बच्चे पेयजल ग्रहण कर पाते हैं वहीं दूसरी ओर स्कूल में शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है जिससे स्कूली छात्र परेशान होती है । बारिश के दिनों में स्कूल में पानी भर जाता है जिस वजह से व्यवस्थित रूप से स्कूल संचालित भी नहीं हो पता है।