सागर - शरद पूर्णिमा पर माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने झील में नौकाविहार कर दीपदान किया
सागर में शरद पूर्णिमा बुधवार को उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र ध्रुव और रवि योग में मनाई गई घरों से लेकर मंदिरों तक में भगवान का पूजन अर्चन किया गया तो वहीं इसके अलावा नदी और तालाब के घाटों पर दीपदान भी किया गया, सागर के चकरा घाट पर नगर विधायक शैलेंद्र जैन की पत्नी अनुश्री जैन ने महिला मंडली के साथ झील में दीपदान किया, बुधवार की शाम नौका में सवार होकर तालाब की लहरों और खूबसूरत रंगीन लाइटों के बीच यह दीपदान किया गया, इसके बाद घाट पर स्थित विट्ठल मंदिर परिसर में कृष्णा भजनों पर खूब नृत्य भी किया, इस दौरान सभी महिलाओं में भगवान के प्रति आस्था का एक अलग ही उत्साह देखने को मिला, मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात्रि चंद्रमा सोलह कलाओं से पूर्ण होता है और चंद्रमा से अमृत की वर्षा होती है। शरद पूर्णिमा कि रात्रि में खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखी जाती है जो अगली सुबह प्रसाद के रूप में ग्रहण की जाती है। इससे शरीर निरोग रहता है। शरद पूर्णिमा की रात्रि में ही भगवान कृष्ण ने गोपियों के साथ महारास रचाया था। इस कारण शरद पूर्णिमा का पर्व श्रेष्ठ माना जाता है
अनुश्री शैलेंद्र जैन ने बताया कि आज शरद पूर्णिमा और शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महाराज का अवतरण दिवस भी है पूर्णिमा पर दीपदान करने का महत्व है इसके माध्यम से हमारी जो संस्कृति है सभ्यता है वह बनी रहे इसकी कोशिश की जा रही है इसलिए झील में दीपदान किया गया है इसके साथ उन्होंने आगे बताया कि झील का सौंदर्य कारण होने की वजह से घाटों की खूबसूरती निखर कर सामने आई है और जब से जल गंगा आरती शुरू हुई है यहां की ऊर्जा में गजब की सकारात्मक है यही वजह है कि दिन पर दिन लोगों का आकर्षण इस तरफ बढ़ता जा रहा है
महिला मंडली में बरिया घाट वार्ड पार्षद वैदेही दीदी पुरोहित चकराघाट पार्षद डॉली सोनी, के अलावा मेघा दुबे रूबी पटेल सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रही,