Sagar - खुरई मंडी में बिस्तर डालकर रातभर कर रहे इंतजार, कृषक विश्राम गृह में लगा ताला
Sagar - खुरई मंडी में बिस्तर डालकर रातभर कर रहे इंतजार, कृषक विश्राम गृह में लगा ताला
सागर जिले के खुरई कृषि उपज मंडी में खाद वितरण केंद्र के बाहर मंगलवार-बुधवार के दरमियानी रात बड़ी संख्या में किसान काउंटर के सामने सोते हुए नजर आए। कुछ किसान आपस में बातें कर रहे थे, तो कुछ मोबाइल चला रहे थे। इसके बाद भी किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल रहा है। दैनिक भास्कर डिजिटल की टीम ने ग्राउंड रिपोर्ट कर किसानों से खाद को लेकर चर्चा की। किसान गेहूं और चने की बुवाई की तैयारी में हैं। जिले में खाद की कमी है। इसकी हकीकत जानने के लिए हमारी टीम खुरई कृषि उपज मंडी के खाद वितरण केंद्र में पहुंची, जहां खाद के लिए करीब 200 से ज्यादा किसान बिस्तर डालकर अपनी लाइन में सोते हुए नजर आए। कुछ किसान बैठे हुए थे।
उनसे चर्चा की तो गिरहनी गांव के 86 वर्षीय बुजुर्ग किसान सुखलाल सिंह ने बताया कि खाद के लिए उन्हें दो रातें और दो दिन हो गए हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रहा है। खाद के साथ जबरदस्ती छह सौ रुपए का नैनो खाद भी दिया जा रहा है, जिसकी कोई जरूरत नहीं है। किसान रामसिंह अहिरवार ने बताया कि खाद के लिए मंगलवार की सुबह 9 बजे से लाइन में लगे हुए हैं, लेकिन खाद नहीं मिला, तो भूखे-प्यासे रात में यहीं सोने को मजबूर हैं। पथरिया जेगन गांव के किसान उधम सिंह प्रजापति ने बताया कि रबी फसल की बुवाई के लिए तीन दिन से खाद लेने के लिए चक्कर काट रहे हैं। उन्हें 5 बोरी खाद की जरूरत है, लेकिन बताया जा रहा है कि 5 एकड़ के लिए केवल दो बोरी दी जा रही है।
ऐसे में कैसे काम चलेगा? गिरहनी गांव के किसान घनश्याम कुशवाहा का कहना है कि 32 किमी दूर से खाद लेने के लिए तीन दिन से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन खाद की बोरी नहीं मिल पा रही है। एक एकड़ जमीन के लिए दो बोरी खाद की जरूरत है। यहां भीड़ और झगड़े के कारण लाइन में नहीं लग पाते हैं। बलोप गांव के किसान धर्मेंद्र यादव और जितेंद्र सिंह ने बताया कि कहने को तो यहां पर कृषक विश्राम गृह बना हुआ है, जो किसानों के लिए बनाया गया है, लेकिन उसमें ताला डला हुआ है। पानी की यहां कोई व्यवस्था नहीं है। किसानों को स्वयं के घर से बिस्तर आदि लाना पड़ता है। यदि कोई किसान घर से बिस्तर नहीं लाता है, तो उसे पूरी रात बैठकर ही बिताना पड़ता है। इसके साथ ही पुलिस की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
खाद के लिए लड़ाई-झगड़े होते हैं, और डायल 100 पर कॉल करने पर कोई नहीं आता है। किसान प्रीतम रैकवार ने बताया कि दो दिन से खाद के लिए यहीं डेरा डाले हुए हैं, खाना भी गांव से रात को मंगवाया है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एमपी भारद्वाज ने बताया कि खाद के लिए किसान परेशान न हों। पर्याप्त मात्रा में खाद आ रहा है। किसान आराम से खाद लें, इसके लिए कृषि उपज मंडी परिसर में दो केंद्रों के चार काउंटर बनाए गए हैं, जिसमें किसान सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक खाद के बिल काट सकते हैं। उन्होंने बताया कि अभी बुवाई के लिए समय है, इसलिए किसान आराम से खाद लें। प्रति दो बोरी डीएपी खाद के साथ 1 बोतल नैनो डीएपी दी जाएगी।