सागर में गज़ब की भक्ति, 33 किलोमीटर पैदल चलकर जलंधर में ज्वाला माई को चढ़ाई चुनरी
सागर में गज़ब की भक्ति, 33 किलोमीटर पैदल चलकर जलंधर में ज्वाला माई को चढ़ाई चुनरी
शारदीय नवरात्रि पर्व आज गुरुवार से शुरू हुआ है। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। मंदिरों में भक्त मां के दर्शन कर सुख समृद्धि की कामना कर रहे हैं और मां को जल अर्पित कर रहे हैं। जहां नवरात्रि के पहले दिन खुरई में चुनरी पालकी यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मां ज्वाला देवी जलंधर मंदिर के लिए रवाना हुई है।
नवरात्रि के पहले दिन भक्तों ने खुरई के पुराने हनुमान मंदिर से एक भव्य पालकी चुनरी पद यात्रा निकाली गई। पालकी चुनरी यात्रा शहर के परसा चौराहा, झंडा चौक, पठार, शिवाजी चौक, सागर नाका से होते हुए जलंधर गांव में स्थित मां ज्वाला देवी मंदिर के लिए रवाना हुई। समिति के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि पालकी चुनरी पद यात्रा का यह 13 वां वर्ष है। नवरात्रि के पहले दिन मां ज्वाला देवी की भव्य पालकी एवं चुनरी पदकर निकाली जाती है
जो शहर के पुराने हनुमान मंदिर से शुरू होकर मुख्य मार्गों से होते हुए नेशनल हाईवे के खुरई- सागर रोड पर स्थित जरूवाखेड़ा के पास जलंधर गांव में स्थित ज्वाला देवी मंदिर पहुँचते हैं। भक्त खुरई से करीब 33 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर जलंधर गांव के पहाड़ पर विराजमान मां ज्वाला देवी मंदिर पहुंचते हैं। भक्त पुष्पेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि पिछले 13 सालों से लगातार चुनरी पालकी यात्रा निकाली जा रही है।
नगर भ्रमण करने के बाद ज्वाला देवी मंदिर में पहुंचती है जहां भंडारे का आयोजन भी होता है। साथ ही नवरात्रि के पहले दिन खुरई के प्रसिद्ध किला देवी मंदिर, पठार पर स्थित महाकाली मंदिर, मरई माता मंदिर, पुराने जनपद चौराहे के पास स्थित चंद्रघंटा देवी मंदिर, सराय में स्थित मां दुर्गा देवी मंदिर, बीजासेन देवी मंदिर सहित कई देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है।