सागर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाही, रिश्वत लेते जिला पंचायत में डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर गिरफ्तार
एमपी के दमोह जिला पंचायत में पदस्थ डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर हरिचरण सेन वर्मा को सागर लोकायुक्त ने ₹4000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। कर्मचारी को ट्रैक कराने वाले ऑडिट ऑफिसर मनोज पटेल ने बताया कि उन्हें कलेक्टर के आदेश पर पंचायत की ऑडिट करनी पड़ती है। इसके एवज में संबंधित कर्मचारी के द्वारा उनसे प्रत्येक पंचायत ₹2000 की रिश्वत मांगी जा रही थी, जो वह नहीं दे सकते थे। पहले उन्होंने काफी प्रयास किया कि कर्मचारी उनकी बात को समझ जाए लेकिन जब वह नहीं समझे तो मैंने सागर लोकायुक्त में इसकी शिकायत की और उसके बाद टीम ने आज उन्हें ₹4000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल लोकायुक्त की टीम संबंधित कर्मचारी से पूछताछ कर रही है। सागर लोकायुक्त द्वारा ट्रैप किए गए डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर हरिचरण सेन का कहना है कि उन्होंने कोई रिश्वत नहीं मांगी थी। VSA (विलेज सोशल ऑडिट एनिमेटर) मनोज पटेल ने अचानक आकर मेरी जेब में कुछ रुपए रख दिए और उसके बाद टीम ने दबोच लिया। आरोपी ने कहा कि VSA पटेल के द्वारा कई बार मुझसे उधारी में पैसे मांगे जाते थे, जो मैं उन्हें दे देता था। मुझे लगा कि उन्होंने वही पैसे वापस किए हैं मैंने कोई रिश्वत नहीं मांगी।
सागर लोकायुक्त डीएसपी मंजू सिंह ने बताया कि आरोपी डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर हरिचरण सेन उर्फ वर्मा के द्वारा उनके अंडर में काम करने वाले VSA मनोज पटेल से प्रत्येक पंचायत में ऑडिट के बाद वेरिफिकेशन के नाम पर ₹2000 की रिश्वत मांगी जा रही थी। 17 सितंबर को पटेल ने लोकायुक्त सागर में शिकायत की थी जिसके बाद आरोपी कर्मचारी की वॉइस रिकॉर्डिंग कराई गई और उसके बाद आज टीम ने उन्हें ₹4000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा के तहत अपराध दर्ज किया जा रहा है।