सागर-रेलवे पुल में पानी भरने के कारण गांवों से टूट जाता है संपर्क,सैकड़ों ग्रामीण परेशान
थोड़ी सी बारिश में ही सागर जिले के खुरई-बीना के बारधा-सेमरा गनपत मार्ग बंद हो जाता है। जिस कारण से करीब एक दर्जन गांव का संपर्क शहर से कट जाता है। इस वर्ष लगातार बारिश होने के कारण कई बार गांवों का संपर्क शहर से कट गया। रास्ता बंद होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार- बुधवार की दरिमायनी रात से तेज बारिश होने के कारण यह रास्ता एक बार फिर बंद हो गया है । रेलवे पुल के नीचे पानी भरने के कारण मगरधा, जेरूवा, महेरा, सेमरा गनपत, बम्होरी खडेरा, गमिरिया खुर्द, खोजाखेडी, तालापार, खजुरिया, नाउखेड़ा, खिमलासा जाने वाला रास्ता बंद हो जाता है।
जिससे प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों को आवागमन के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्राम सेमरागनपत जाने के लिए यह रास्ता बारधा से होकर गुजरता है। पूरा रास्ता लगभग ठीक है लेकिन बारधा गांव के पास रेलवे पुल के नीचे पानी भर जाने के कारण थोड़ी से तेज बारिश में ही करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क शहर से पूरी तरीके से कट जाता है। पुल से होकर गुजरने वाले रास्ते से सैंकड़ों की संख्या में लोगों का प्रतिदिन बीना, खुरई, खिमलासा आना-जाना लगा रहता है।
वहीं गांव के बच्चें कॉलेज, स्कूल जाने के लिए भी इसी मार्ग का उपयोग करते है, लेकिन लगातार मार्ग बंद होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इस रास्ते के अलावा गांवों में आने-जाने के लिए दूसरा रास्ता तो है लेकिन लंबी दूरी तय गांव जाना पड़ता है। गांव की दीपा यादव, गगनधारा, सहारा, अनुज, विशाल यादव ने बताया बारिश के पानी के कारण परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के मौसम में तो मानों गांव से निकलना ही दूभर हो जाता है। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में शहर जाना किसी समस्या से कम नहीं है। कई बार विद्यार्थी सुबह कॉलेज व स्कूल सुरक्षित पहुंच जाते हैं लेकिन लौटते समय पुल में बारिश का पानी भर जाता है।
ऐसी स्थिति में गांव पहुंचने में बढ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो ऐसी स्थिति बनी है कि विद्यार्थियों को शहर में ही रुकना पड़ा है।मगरधा गांव निवासी वासू यादव, पावन यादव ने बताया कि रेलवे पुल के नीचे पानी भर जाने के कारण खासकर मरीजों को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो हालत यह बनते है कि पुल के नीचे ज्यादा पानी होने के कारण मरीजों कों खाट पर रख कर खेतों के रास्ते चल कर बड़ी मुश्किल से जान जोखिम में डाल कर रेलवे लाइन को क्रॉस करते हुए दूसरी तरफ पहंचते हैं।
यही स्थिति कई बार महिलाओं को डिलीवरी के लिए सिविल अस्पताल भेजने में भी बनती है। सेमरा गनपत गांव के हनुमंत सिंह ने बताया कि यदि एक घंटे तेज बारिश हो जाए तो पुलिया में पानी भर जाता है। नेशनल हाईवे बीना-सागर रोड पर स्थित बारधा से खिमलासा और मालथौन जाने वाले इस रास्ते से रोजाना सैकड़ों वाहन इसी रेलवे पुल के नीचे से निकलते हैं।