The announcement of making Bina a district may be postponed, this is a big reason. sagar tv news |
4 सितंबर काे मुख्यमंत्री डाॅ. माेहन यादव बीना में लाड़ली बहना याेजना के कार्यक्रम में आ रहे हैं। बीना वालाें काे उप-चुनाव के पहले उनसे बड़ी घाेषणा की उम्मीद है। सबसे बड़ी मांग बीना को जिला बनाने की है। लेकिन इस घोषणा को लेकर बीना के लोगों को इंतजार करना पड़ सकता है क्योंकि परिस्थितियां कुछ अलग बन रही हैं।
बीना के लाेगाें ने खुरई, बीना, मालथाैन, बांदरी, कुरवाई, पठारी और प्रस्तावित खिमलासा तहसील काे जाेड़कर मप्र के एक और नए जिले का खाका अपने जहन में उतार लिया है। इसमें अनुमानित 780 गांव तथा जनसंख्या करीब 9 लाख रहेगी। निवाड़ी जिले की जनसंख्या से दाेगुनी जनसंख्या और क्षेत्रफल भी बड़ा हाेगा।
लेकिन अब इस तरह की खबरे सामने आ रही है कि बीना काे जिला बनाने में कई तरह के विराेधाभास की स्थिति भी बन रही है। राजनीतिक और भाैगाेलिक कारणाें के बीच अफसर और नेता कुछ भी कहने से बच रहे हैं। नए जिले के लिए इंतजार और बढ़ सकता है। खुरई और कुरवाई में बीना को जिला बनाने का विरोध शुरू हो गया है। इसके अलावा सरकार कोई छोटा जिला बनाने के पक्ष में नहीं है। 2026 में होने वाले विधानसभा परिसीमन तक का सरकार इंतजार कर सकती है।
लेकिन सीएम इन योजनाओ की घोषणा कर सकते है, बीना नदी सिंचाई परियोजना में बीना के सभी गांव को शामिल करना। } सिविल अस्पताल का उन्नयन कर 100 बिस्तर का करना। बीना में रिंग रोड बनाने की स्वीकृति देना। } खिमलासा को तहसील का दर्जा देने की स्वीकृति देना। } मंडीबामोरा एवं भानगढ़ को उप-तहसील का दर्जा देने की मांग। } बीना विधानसभा में पॉलिटेक्निक कॉलेज खोलना। नगरपालिका की सीमा वृद्धि की स्वीकृति देना। कृषि उपज मंडी को शहर के बाहर स्थानांतरित करना।