Krishna Janmashtami Maha Mahotsav like Mathura Vrindavan in Sagar-Rudraksh Dham Bamora, know what will happen
Sagar-रुद्राक्ष धाम बामोरा में मथुरा वृंदावन जैसा कृष्ण जन्माष्टमी महा महोत्सव, जानिए क्या-क्या होगा
नटखट नंदलाल भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव 26 अगस्त को मनाया जाएगा। सागर में भी जन्माष्टमी का उत्सव मथुरा वृंदावन के जैसे मनाने तैयारी जोर-जोर से की जा रही है रुद्राक्ष धाम बामोरा में इस बार भव्य रूप में कृष्ण जन्माष्टमी महा महोत्सव मनाया जाएगा, जन्माष्टमी महा महोत्सव को लेकर पिछले एक हफ्ते से यहां पर तैयारी चल रही हैं
वहीं शनिवार को पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह की उपस्थिति में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमे उन्होंने बताया कि इस वर्ष रुद्राक्ष धाम मंदिर में आयोजित जन्माष्टमी पर्व पर देश के विख्यात सांस्कृतिक दल अपनी प्रस्तुतियां देने आ रहे हैं, और श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की मथुरा वृंदावन जैसी अनुभूति रुद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण में होगी.
पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि रुद्राक्ष धाम में विराजमान हमारे आराध्य भगवान श्री राधाकृष्ण जी की दिव्य व अलौकिक प्रतिमा का चयन प्रातः स्मरणीय परम पूज्य श्री देवप्रभाकर शास्त्री दद्दा जी ने स्वयं जयपुर जाकर किया था। बामोरा के मालगुजार स्व अमोल सिंह द्वारा मंदिर के लिए दान में दी गई इस 25 एकड़ भूमि पर पूज्य दद्दा जी के सानिध्य में 39 करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण हुए।
ऐसी पावन भूमि पर प्राचीन शास्त्रोक्त शैली में निर्मित भव्य मंदिर में दद्दा जी ने भगवान श्री राधाकृष्ण जी की मनोहारी दिव्य प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की थी। पूर्व मंत्री ने बताया कि यह पूज्य दद्दा जी के चरण में कदंब का चिन्ह था और उनके आशीर्वाद से रुद्राक्ष धाम की पुण्य भूमि अलौकिक प्रभाव से युक्त हुई है। इस पुण्य प्रभाव को यहां प्रतिदिन आने वाले 4-5 हजार श्रद्धालु प्रत्यक्ष अनुभव करते हैं। उन्होंने कहा कि यहां मनाए जाने वाले जन्माष्टमी पर्व ने उत्तरोत्तर अपनी ख्याति अर्जित की है और इस वर्ष यहां जन्माष्टमी महोत्सव विराट सांस्कृतिक आयोजनों के साथ मनाया जा रहा है।
बता दे कि मंदिर प्रांगण में दो स्थानों पर समांतर रूप से सांस्कृतिक आयोजन संपन्न होंगे। विशाल वाटरप्रूफ डोम व आऊट स्टेज पर इंदौर के विश्वविख्यात श्री हनुमंत पथक बैंड, उज्जैन के श्री महाकाल बैंड, निमाड़ के कलाकारों द्वारा श्रीकृष्ण लीला की लगातार कई प्रस्तुतियां होंगी, विभिन्न स्थानों से आ रहे नामी सांस्कृतिक दलों में राधे राधे आर्केस्ट्रा, श्री राधाकृष्ण नृत्य, फोक व माडर्न आर्केस्ट्रा, बच्चों द्वारा श्री राधा-कृष्ण बाल स्वरूप प्रतियोगिता, बधाई व बरेदी नृत्य, मिनी वृंदावन बड़ा बाजार के बधाई नृत्य जैसी प्रस्तुतियां पूरे दिन और रात 12 बजे के बाद तक देखने मिलेंगी.
रात 12 बजे श्री कृष्ण भगवान के जन्म के साथ ही भक्तों को सागर गौरव दिवस जैसी यादगार, शानदार अवाक कर देने वाली आतिशबाजी का प्रदर्शन देखने मिलेगा, बैठक में सुझाव दे कर वक्ताओं ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि पीले, केसरिया, गुलाबी रंगों के परिधान में परिवार सहित पधारें। बच्चों को राधा कृष्ण की वेशभूषा में लाएं जिन्हें आयोजन समिति की ओर से पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।